निर्भया मामला : दोषियों के लिए नया डेथवारंट जारी करने की मांग अदालत ने खारिज की

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Nirbhaya Case

द लोकतंत्र / दिल्ली डेस्क : निर्भया ( Nirbhaya ) बलात्कार मामले के चारों दोषियों की फांसी के लिए नया वारंट जारी करने के अनुरोध को पटियाला हाउस कोर्ट ने खारिज कर दिया है। पटियाला हाउस कोर्ट ने कहा कि जब तक दोषी उन्हें उपलब्ध सारे विकल्पों का इस्तेमाल नहीं कर लेते तब तक ऐसा नहीं किया जा सकता। आपको बता दें, 16 दिसंबर 2012 की रात को दक्षिण दिल्ली में एक चलती बस में 23 साल की पैरामेडिकल छात्रा निर्भया के साथ सामूहिक बलात्कार और बर्बरता की गयी थी। कुछ दिन बाद सिंगापुर के एक अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गयी थी। इस घटना ने पूरे देश को झकझोर दिया था।

निर्भया मामले के दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की मांग खारिज करते हुए दिल्ली हाई कोर्ट ने पांच फरवरी को आदेश दिया था कि अब जो भी कानूनी विकल्प बचे हैं उनका इस्तेमाल दोषी एक हफ्ते के भीतर कर लें। वहीं, निर्भया गैंगरेप और हत्या मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोषियों को अलग-अलग फांसी देने की केंद्र और दिल्ली सरकार की अर्जी पर शुक्रवार को सुनवाई की। याचिका पर सुनवाई करते हुए चारों दोषियों को नोटिस जारी करते हुए, जवाब मांगा है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि कि हाईकोर्ट का सात दिन का समय 11 फरवरी को खत्म हो रहा है । सुप्रीम कोर्ट इस मामले में 11 फरवरी को दो बजे सुनवाई करेगा।

सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार से पूछा कि हाईकोर्ट ने कितना समय दिया है? तो कोर्ट को बताया गया कि हाईकोर्ट ने उपाय पूरे करने के लिए एक हफ्ता दिया है। जस्टिस अशोक भूषण ने कहा कि किसी भी दोषी को अपने उपचार लेने के लिए विवश नहीं किया जा सकता। अगर वो उपाय नहीं करना चाहता तो नहीं करना चाहता।

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