सांसद जी, यह बताइए कि देवरिया में ‘विकास’ का गृह प्रवेश कब होगा?

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Deoria

द लोकतंत्र / सुदीप्त मणि त्रिपाठी : मुख्यमंत्री के शहर गोरखपुर से सटे देवरिया जनपद की बदहाली ख़त्म होने का नाम ही नहीं ले रही। विकास के नाम पर देवरिया जनपद के पास सिर्फ अंतहीन उम्मीदों और आश्वासन के अतिरिक्त कुछ नहीं है। जनपद को विकास के पैमाने पर कसेंगे तो यकीनन आपकी आँखों से आंसू छलक उठेंगे। देवरिया की बेतरतीब बसावट और दूसरे गैरजिम्मेदार सरकारी मशीनरी कोढ़ के खाज की तरह है जहाँ विकास के नाम पर कोई प्रयास नहीं दिखता। बात चाहे जन सुविधाओं की हो या परिवहन या स्वास्थ्य सम्बन्धी जरूरतों की हो हर ओर शहर निराश करता है।

मूलभूत सुविधाओं के सन्दर्भ में जनपद के हालात इतने ख़राब हैं कि कभी कभी जनप्रतिनिधियों के औचित्य पर भी सोचना पड़ जाता है क्योंकि विकास के तमाम वादों के बीच आखिर में जो हाथ लगती है तो वह सिर्फ निराशा। जिम्मेदारी कोई भी आगे बढ़कर लेना नहीं चाहता और जवाबदेही से भी अक्सर जनप्रतिनिधि बचते नज़र आते हैं। देवरिया संसदीय सीट से वर्तमान सांसद रमापति राम त्रिपाठी हैं इसके पूर्व यहाँ कलराज मिश्र सांसद रहे। उसके भी पूर्व 2009 से 2014 तक बसपा से गोरखप्रसाद जायसवाल सांसद रहे। लेकिन, 2014 से पूर्व की बात छोड़ दें तो पहले कलराज मिश्रा और उसके बाद रमापति राम त्रिपाठी से विकास की उम्मीद थी। देवरिया ने भाजपा को मौका ही इसलिए दिया ताकि शहर की सूरत संवर जायेगी लेकिन चेहरे बदले रवैया नहीं। हालत अब भी वैसी ही है जैसे 2014 के पूर्व थी।

विडम्बना देखिये कि देवरिया के सांसदों का काम केवल नव प्रतिष्ठानों का फीता काटने तक ही सीमित है। एक साल होने को आये लेकिन वर्तमान सांसद रमापति राम त्रिपाठी की तरफ से भी विकास की कोई ठोस पहल होती नहीं दिख रही कुछ यही स्थिति कलराज मिश्रा की भी थी। जनपद का विकास का ढांचा किस कदर जर्जर है इसबात का अंदाज़ा आप देवरिया बस डीपो को देखकर सहज ही लगा सकते हैं। देवरिया बस अड्डे की हालत बेहद दयनीय है, मुख्य भवन जर्जर है और कभी भी बड़ी घटना का कारण बन सकता है लेकिन किसी भी जनप्रतिनिधि की तरफ से पहल कर सुविधाओं को दुरुस्त करने का काम नहीं हो रहा। पूरे जनपद के हालात ऐसे ही हैं । न इन्फ्रास्ट्रक्चर पर, न बुनियादी सुविधाओं के मुकम्मल इन्तेज़ामात पर, न सुंदरीकरण को लेकर ही कोई काम हो रहा ।

सांसद जी को जनपद में एक वर्ष पूरे होने जा रहे हैं और उपलब्धि के नाम पर उनके पास उनका नवनिर्मित घर के अतिरिक्त कुछ नहीं है जिसका हाल ही में उन्होंने गृह प्रवेश किया है लेकिन सांसद जी से एक सवाल जो देवरिया पूछना चाहती है वह यह कि आखिर जनपद में ‘विकास’ का गृह प्रवेश कब होगा? आखिर कब देवरिया अपने बदहाली से पीछा छुड़ाएगी? जनपद में विकास का सूर्योदय कब होगा?

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