Nirbhaya Case : और आखिरकार ‘इन्साफ’ की लड़ाई में जीत गयी निर्भया

0
Nirbhaya Case

द लोकतंत्र / सुदीप्त मणि त्रिपाठी : Nirbhaya Case में सात साल और तीन महीने के बाद आखिरकार इन्साफ की लड़ाई निर्भया जीत गयी है। निर्भया के चारों दोषियों को शुक्रवार की अल सुबह 5:30 बजे तिहाड़ जेल में फांसी पर लटका दिया गया। पटियाला हाउस कोर्ट ने निर्भया के दोषियों की ओर से फांसी टलवाने के लिए दायर याचिका कल बृहस्पतिवार को खारिज कर दी गयी थी। जिसके बाद दोषियों के वकील एपी सिंह (AP Singh ) ने फांसी की सजा पर रोक लगाने के लिए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की जिसे शीर्ष अदालत ने भी सुबह 3:30 पर खारिज कर दिया। तिहाड़ जेल के महानिदेशक संदीप गोयल ने बताया कि सभी चारों दोषियों को ठीक 5.30 बजे फांसी पर लटकाया गया।

इसके पूर्व याचिका खारिज होने के बाद दोषियों के वकील एपी सिंह ने अदालत से दोषियों को उनके परिजनों से अंतिम बार मिलने के लिए 5-10 मिनट का समय देने का अनुरोध किया था लेकिन सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा कि जेल के नियम इसकी इजाजत नहीं देते हैं।

Nirbhaya Case : 16 दिसम्बर 2012

इतिहास के काले पन्नों में दर्ज 16 दिसम्बर 2012 की तारीख ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। पांच बालिग और एक नाबालिग ने बर्बरतापूर्वक निर्भया के साथ हैवानियत की थी। 6 आरोपियों में से एक बस ड्राईवर राम सिंह नें जेल में आत्महत्या कर ली थी जबकि एक नाबालिग 3 साल की सजा काटने के बाद छूट चुका है।

निर्भया को मिला न्याय, माँ आशा देवी नें कहा यह उम्मीदों की सुबह

फांसी के बाद निर्भया की माँ आशा देवी ने कहा- आखिरकार उन्हें फांसी पर लटकाया गया। आज हमें न्याय मिला। आज का दिन देश की बेटियों के नाम है। मैं सरकार और न्यायपालिका का शुक्रिया अदा करती हूं। मैंने बेटी की तस्वीर को गले से लगाकर कहा कि आज तुम्हें इंसाफ मिल गया। बेटी जिंदा रहती तो डॉक्टर की मां कहलाती। आज निर्भया की मां के नाम से जानी जा रही हूं।

इन्साफ की लड़ाई लम्बी न हो इसके लिए करने होंगे ठोस उपाय :

निर्भया के इन्साफ को लटकाने वाले कानूनी दांवपेंचो को हमें ख़त्म करने की जरूरत है नहीं तो अपराधियों के हौसले कभी नहीं टूटेंगे। इस पर पूरे देश में विमर्श चलाये जाने की जरूरत है।

पत्रकारिता को राजनीति और कारपोरेट दबावों से पूरी तरह मुक्त रखने के लिए कृपया द लोकतंत्र की आर्थिक मदद करें। किसी भी तरह के स्वैच्छिक राशि को डोनेट करने हेतु बटन पर क्लिक करें –