देशभर में कल से लागू हो जाएगा ‘वन नेशन, वन राशन कार्ड’ योजना

0
फोटो साभार : गूगल इमेज

कोरोना संकट के इस कठिन समय में गरीब और मजदूर वर्ग के लोगों की स्थिति की जो तस्वीरें सामने आई वो बहुत ही दर्दनाक थी। मुझे याद है कि गरीब ने बोला था कि हम इस महामारी से मरे या न मरे भूखमारी से जरुर मर जाएंगे। ऐसे ही अनेक दर्दनाक वीडियो और फोटो सोशल मीडिया पर हजारों की तादात में उपलब्ध है। हालाँकि कुछ सामजसेवी संगठन और अन्य लोगों के द्वारा ऐसे लोगों की हर तरह से मदद की पूरी कोशिश की जा रही है।

ये भी पढ़ें : रामानंद सागर की रामायण के बाद टी-सीरीज की हनुमान चालीसा ने बनाया बड़ा रिकॉर्ड

गौरतलब है, मोदी सरकार ने भी प्रवासी मजदूर, किसान और रेहड़ी-पटरी पर काम करने वाले कामगारों के लिए बड़े ऐलान किए। इस दौरान उन्‍होंने बताया कि देशभर में वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को लागू किया जाएगा। हाल ही में वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आत्मनिर्भर राहत पैकेज की घोषणा के दौरान इसका जिक्र किया था।

इस योजना के तहत देश के गरीबों को किफायती कीमत पर राशन मिलेगा। यह लागू होने के बाद राशन कार्ड का फायदा देश के किसी कोने में उठाया जा सकता है। बता दें कि पहले वन नेशन वन राशन कार्ड योजना को 1 जनू 2020 से देशभर में लागू होने वाला है।

राशन कार्ड का वर्तमान नियम यह है कि आपका राशन कार्ड जिस जिले का बना है, उसी जिले में राशन मिल सकता है। जिला बदलने पर भी इसका फायदा नहीं मिल पाता है। इस नियम की वजह से प्रवासी मजदूरों को काफी मुश्किल वक्त का सामना करना पड़ा। ऐसे में इस योजना के बाद एक राज्य से दूसरे राज्य में जाने पर आप अपने राशन कार्ड का इस्तेमाल कर सकते हैं। इस कार्ड से दूसरे राज्य से भी सरकारी राशन खरीद पाएंगे।

दरअसल, यह योजना मोबाइल नंबर पोर्टेबिलिटी (MNP) की तरह है। मोबाइल पोर्ट में आपका नंबर नहीं बदलता है और आप देशभर में एक ही नंबर से बात करते हैं। इसी तरह, राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी में आपका राशन कार्ड नहीं बदलेगा।

ये भी पढ़ें : मुंबई : कोरोना के डर से पड़ोसियों द्वारा प्रताड़ित किए जाने के बाद 82 नर्सों को छोड़ना पड़ा घर

बता दें कि उत्तर प्रदेश और बिहार समेत देश के 17 राज्यों ने राशन कार्ड पोर्टेबिलिटी को लागू कर दिया है। इसे लागू करने वालों में आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, गुजरात, महाराष्ट्र, हरियाणा, राजस्थान, कर्नाटक, केरल, मध्य प्रदेश, गोवा, झारखंड और त्रिपुरा जैसे राज्य भी शामिल हैं।

इस योजना को लागू करने के लिए सरकार को देश की सभी राशन दुकानों पर पीडीएस मशीनें लगानी है। इस योजना को राज्यों में लगने वाली पीओएस मशीनों को विस्तार दिया जाएगा। इस स्कीम से अभी 67 करोड़ लोगों को फायदा मिलेगा।

पत्रकारिता को राजनीति और कारपोरेट दबावों से पूरी तरह मुक्त रखने के लिए कृपया द लोकतंत्र की आर्थिक मदद करें। किसी भी तरह के स्वैच्छिक राशि को डोनेट करने हेतु बटन पर क्लिक करें –