गोहत्या पर कड़ी सजा के प्रावधान, योगी सरकार ने अध्यादेश को मंजूरी दी

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फोटो साभार : गूगल इमेज

द लोकतंत्र / उमा पाठक : उत्तर प्रदेश सरकार ने गोहत्या कानून को सख्त बना दिया है। अब गोहत्या पर 10 साल की सजा का प्रावधान किया गया है। गोवंश को शारीरिक तौर पर नुकसान पहुंचाने पर 1 से 7 साल की सजा होगी। इसके अलावा गोकशी और गायों की तस्करी से जुड़े अपराधियों के फोटो भी सार्वजनिक रूप से चस्पा किए जाएंगे। 

उत्तर प्रदेश गोवध निवारण (संशोधन) अध्यादेश, 2020 के तहत पहली बार अपराध के लिए व्यक्ति को एक लाख से लेकर तीन लाख रुपये तक के जुर्माने के साथ एक से सात साल की कठोर सजा दी जा सकती है।

गोवध निवारण अधिनियम 1955 प्रदेश में छह जनवरी 1956 को लागू हुआ था। वर्ष 1956 में इसकी नियमावली बनी। वर्ष 1958, 1961, 1979 एवं 2002 में अधिनियम में संशोधन किया गया। नियमावली के वर्ष 1964 व 1979 में संशोधन हुआ लेकिन, अधिनियम में कुछ ऐसी शिथिलताएं बनी रहीं।

दरअसल, गाय को हिंदू धर्म में पवित्र माना जाता है अतः गौ-हत्या को वर्जित बताया गया है। इसलिये, धार्मिक कारणों तथा पशु संरक्षण के लिये प्रयासरत संस्थाओं द्वारा भी समय-समय पर यह मुद्दा प्रकाश में आता रहा है।

इस कानून की जरुरत क्यों पड़ी ?

हाल में ही केरल में गर्भवती हथिनी को कुछ शरारती तत्वों ने फल में विस्फोटक पदार्थ खिला दिया, जिससे वो घायल हो गयी थी। और कुछ समय बाद उसकी मौत हो गयी। ऐसी ही एक घटना हिमाचल प्रदेश के बिलासपुर में सामने आई, जहां शरारती तत्वों ने गाय को खाने में विस्फोटक पदार्थ खिला दिया। इससे उसके जबड़े में गहरी चोट लग गई है। यही कारण है कि योगी सरकार ने गोहत्या कानून को और सख्त बना दिया है। अब गाय के साथ बदसलूकी करने वालों की खैर नहीं।

किन किन राज्यों में गो-हत्या है प्रतिबंध :

11 राज्यों में गो-हत्या पर प्रतिबंध : 11 राज्य ऐसे हैं जहां गाय, बछड़ा, बैल और सांड की हत्या पर पूरी तरह रोक है। ये रोक जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, पंजाब, हरियाणा, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, राजस्थान, गुजरात, मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, छत्तीसगढ़ और 2 केंद्र शासित राज्यों- दिल्ली, चंडीगढ़ में लागू है। गो-हत्या कानून के उल्लंघन होने की सूरत में इन राज्यों में कड़ी सजा का प्रावधान है।

इन 10 राज्यों में नहीं है कोई प्रतिबंध : दस राज्यों केरल, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश, मणिपुर, मेघालय, मिजोरम, नगालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम और केंद्र शासित लक्षद्वीप में गो-हत्या पर कोई रोक नहीं है। यहां गाय, बछड़ा, बैल, सांड और भैंस का मांस खुले बाजार में बिकता और खाया जाता है :

इन राज्यों में है आंशिक प्रतिबंध : गो हत्या पर आंशिक प्रतिबंध वाले आठ राज्यों में बिहार, झारखंड, ओडिशा, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश, तमिलनाडु, कर्नाटक, गोवा और चार केंद्र शासित राज्य दमन और दीव, दादर और नागर हवेली, पांडिचेरी, अंडमान ओर निकोबार द्वीप समूह शामिल हैं। आंशिक प्रतिबंध से आशय है कि गाय और बछड़े की हत्या पर पूरा प्रतिबंध लेकिन बैल, सांड और भैंस को काटने और खाने की इजाज़त है।

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