मनरेगा के तहत रोज़गार देने के मामले में यूपी पहले नम्बर पर, 57 लाख मज़दूरों को मिला काम

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फोटो साभार : गूगल इमेज

कोरोना महामारी के दौरान देश में हुए लॉकडाउन की वजह से अलग-अलग राज्यों से अपने गांव लौटे लाखों प्रवासी मजदूरों को रोजगार दिलाने के लिए योगी सरकार लगातार प्रयासरत है। गांवों में रोजगार देने की दिशा में मनरेगा के तहत लगातार बड़े आंकड़े सामने आये हैं। मनरेगा के तहत 57 लाख से भी अधिक मजदूर काम पर लगे हैं।

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आंकड़ों के अनुसार, सोमवार तक यहां 57.2 लाख मजदूर मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं। इस मामले में उत्तर प्रदेश ने राजस्थान को भी पीछे छोड़ दिया है और देश के कुल मनरेगा रोजगार में 18 फीसदी भागीदारी के साथ यूपी पहले नंबर पर आ गया है। बता दें, राजस्थान में 53 लाख मजदूर मनरेगा से रोजगार में जुटे हैं।

बीते दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बैठक के दौरान ग्राम्य विकास विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया था कि मनरेगा के तहत अधिक से अधिक लोगों को रोजगार से जोड़ा जाए।

अपर मुख्य सचिव (गृह) अवनीश अवस्थी ने बताया, ‘पहले राजस्थान हमसे आगे था लेकिन रविवार से यूपी ने पहला स्थान प्राप्त कर लिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर यूपी ने मनरेगा के तहत 57.2 लाख मजदूरों के लिए 8 करोड़ 8 लाख रोजगार दिवस सृजित किए।’

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अवनीश अवस्थी ने आगे बताया, योगी ने अन्य 10 लाख रोजगार दिवस सृजन करने का आदेश दिया है और हम इसी दिशा में काम कर रहे हैं। रोजगार दिवस सृजन की गिनती 21 अप्रैल से की गई है जिस दिन से सरकार ने मनरेगा के तहत जॉब कार्ड बांटे थे।’

आपको बता दें, मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 1.35 लाख प्रवासी श्रमिकों को रोजगार के ऑफर लेटर देंगे। यह रोजगार एमएसएमई सेक्टर और रियल एस्टेट से जुड़े हैं। आज जिन-जिन प्रवासी श्रमिकों को नौकरी के लिए ऑफर लेटर दिया जाएगा उन्हें नोएडा के गारमेंट इंडस्ट्री और रियल एस्टेट सेक्टर में काम मिलेगा। इसी क्रम में 15 लाख से ज्यादा श्रमिको की स्किल मैपिंग भी करवाई गई है।

मुख्यमंत्री आदित्यनाथ ने अधिकारियों को यह निर्देश भी दे चुके हैं कि वापस लौटे श्रमिकों और कामगारों का पलायन फिर से न हो, लिहाजा सभी को उनकी योग्यता, अनुभव और क्षमता के अनुरूप प्रदेश में ही रोजगार उपलब्ध करवाया जाए। इसके लिए एक्सप्रेसवे, मेडिकल कॉलेज, यूनिवर्सिटी, सड़क निर्माण, केंद्र व राज्य सरकार की योजनाओं में रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए हैं।

देश के कुल मनरेगा रोजगार में 18 फीसदी भागीदारी के साथ उत्तर प्रदेश पहले नंबर पर आ गया है। यहां 57.2 लाख मजदूर मनरेगा के तहत काम कर रहे हैं। इसके बाद 17 फीसदी भागीदारी के साथ मनरेगा के तहत रोजगार देने वाला राजस्थान दूसरा राज्य है। यहां 53.45 फीसदी मजदूर इस स्कीम के तहत काम कर रहे हैं।

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वहीं, तीसरे नंबर पर आंध्र प्रदेश 12 फीसदी योगदान है। यहां 36.58 लाख मजदूर मनरेगा के तहत काम कर रहे है। इसके बाद पश्चिम बंगाल 26.72 लाख मजदूरों और मध्य प्रदेश 23.95 लाख मजदूरों के साथ रोजगार सृजन में 8 फीसदी भागीदारी रखते हैं।

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