मुक़दमे राजनीति में ‘ईनाम’ होते हैं और जेल अस्थाई घर होता है : अजय कुमार लल्लू

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Ajay Kumar Lallu

द लोकतंत्र / रतिका वैश्य : लॉकडाउन के नियमों का उल्लघंन और प्रवासी श्रमिकों के लिए दी गई बसों की सूची में धोखाधड़ी करने के आरोप में बीते 27 दिनों से जेल में बंद यूपी कांग्रेस अध्यक्ष अजय लल्लू आज ज़मानत पर रिहा हो गए। उन्हें 21 मई को लखनऊ जेल भेजा गया था।

अजय कुमार लल्लू ने जेल से बाहर आकर कहा, मुख्यमंत्री डरे हुए हैं। शोषित-वंचितों की आवाज सुनना नहीं चाहते. जेल की दीवारें हमारे मजबूत इरादों नहीं रोक सकती। अगर शोषित-वंचितों के लिए लल्लू को 1 नहीं 1000 बार भी जेल जाना पड़ा तब भी मैं अपना एक भी कदम पीछे नहीं हटाऊंगा।

लल्लू की जमानत याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई हुई थी। जिसके बाद जज ने मामले पर अगली सुनवाई की तारीख 16 जून को निश्चित की थी। मंगलवार को सुनवाई के दौरान हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच के जस्टिस एआर मसूदी की सिंगल बेंच ने प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय कुमार लल्लू की जमानत याचिका मंजूर कर ली थी।

इससे पहले एमपी-एमएलए विशेष अदालत ने कांग्रेस नेता की जमानत अर्जी को एक जून को खारिज कर दी थी। अर्जी खारिज होने के बाद उन्होंने हाईकोर्ट में जमानत याचिका दाखिल की थी।

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