बॉर्डर पर अपनी हिम्मत से दुश्मनों के छक्के छुड़ाने वाला जवान ‘देश के सिस्टम’ से हुआ ‘लाचार’

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Amethi

द लोकतंत्र / उमा पाठक : एक जरूरी सवाल जो मैं आपसे पूछना चाहती हूँ वह यह कि सीमा पर दुश्मनों छक्के छुड़ा देने वाले हमारे भारतीय फ़ौज के प्रति आपके दिल में कितनी इज्जत है? कितना सम्मान आप अपने फ़ौज के सिपाहियों को देते हैं? मुझे पता है कि आपमें से अधिकांश कहेंगे कि आपको अपने देश की सेना पर गर्व है और फ़ौज के सिपाहियों के प्रति दिल में गहरा सम्मान है। लेकिन, देश के भीतर एक ‘फौजी’ से जिस तरह का बर्ताव हो रहा है उसे देखकर मजबूरन मुझे यह स्वीकार करना पड़ रहा है कि सेना के प्रति गर्व मिश्रित सम्मान के हमारे दावे सिर्फ दिखावटी और बनावटी है। दरअसल, हमें कोई फर्क नहीं पड़ता कि सेना का हमारा जवान अपने देश अपने ही घर में ही सिस्टम द्वारा दुर्व्यवहार का शिकार है। हमारी देशभक्ति सिर्फ आभाषी है और सेना के प्रति हमारा सम्मान सिर्फ सोशल मीडिया तक ही है।

दरअसल, कल सीमा पर तैनात एक भारतीय जवान न्याय की उम्मीद में अपने परिवार के साथ अमेठी तहसील में धरने पर ‘बा-वर्दी’ बैठ गया। दरअसल, पूरा मामला ये है कि इस जवान की जमीन कुछ लोगों ने अवैध रूप से कब्जा कर लिया है। जम्मू कश्मीर के पुंछ सेक्टर में तैनात यह भारतीय सैनिक अमेठी के संग्रामपुर का रहने वाले है। मामला संग्रामपुर थाना अन्तर्गत केवलापुर गांव का है जहाँ जवान ने एक जमीन डेढ़ वर्ष पूर्व ही बैनामा लिया था। उन्होंने अपनी जमीन पर सरकारी पैमाइश कराकर अपना छप्पर रखा था। जवान का आरोप है कि एक विशेष वर्ग के 7-8 लोगों ने उनकी जमीन पर कब्जा जमा लिया है और उनकी पत्नी और बच्चे को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं।

भारतीय सैनिक बृजेश कुमार दूबे का कहना है कि वे डीएम को एप्लीकेशन दे चुके हैं, एसडीएम से दो बार मिल चुके और तीसरी बार फिर यहां मिलने आए। इलाके के एसओ और सीओ से भी उन्होंने मुलाकात की लेकिन हर आश्वासन यही मिला की राजस्व की टीम जाए तभी कब्जा करा पाएंगे। जबकि राजस्व टीम बोलती है जमीनी विवाद के लिए वे सिविल कोर्ट जाएं। बृजेश पाकिस्तान से 500-700 मीटर की दूरी पर बर्फबारी के बीच पूरी दृढ़ता से देश की सुरक्षा के लिए ड्यूटी करते हैं लेकिन देश के सिस्टम के आगे वो लाचार हो चुके हैं।

हालाँकि उप जिला अधिकारी योगेंद्र सिंह ने जवान बृजेश दूबे को आश्वासन दिया है कि आज उसकी जमीन की पैमाइश भी करा दी जाएगी और उन्हें उनकी जमीन वापस भी मिल जाएगी। लेकिन, जिस वक़्त ‘उम्मीद’ हारकर लांस नायक बृजेश दूबे ने वर्दी में धरना दिया उसी वक़्त ‘भारत’ शर्मसार हो गया। देश के दुश्मनों के सामने फौलाद की तरह खड़ा यह जवान अपने देश के भीतर के सिस्टम से ‘हार’ गया।

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