द लोकतंत्र : “अभी तो मैं इस बारे में बात कर रहा था और इंस्टाग्राम पर इसका विज्ञापन भी आ गया!”—यह अहसास लगभग हर स्मार्टफोन यूजर को कभी न कभी हुआ है। इसी वजह से इंटरनेट पर यह अफवाह बहुत तेजी से फैली कि इंस्टाग्राम ऐप हमारे फोन के माइक्रोफोन के जरिए हमारी बातें सुनता है। मामला इतना बढ़ा कि खुद इंस्टाग्राम के हेड एडम मोसेरी को सामने आकर सफाई देनी पड़ी।
कंपनी का कहना है कि इंस्टाग्राम आपकी बातें नहीं सुनता, लेकिन फिर भी विज्ञापन इतने सटीक (Accurate) कैसे हो जाते हैं? इसके पीछे कोई जासूसी नहीं, बल्कि डेटा और एल्गोरिथ्म का एक बहुत बड़ा जाल है।
आखिर विज्ञापन इतने पर्सनल क्यों लगते हैं?
एडम मोसेरी के मुताबिक, इंस्टाग्राम को आपकी बातें सुनने की जरूरत ही नहीं है। वह आपकी ‘डिजिटल एक्टिविटी’ से आपके बारे में सब कुछ जान लेता है।
- आपकी पसंद: आप किन पोस्ट को लाइक करते हैं, क्या सेव करते हैं और किस प्रोफाइल पर ज्यादा समय बिताते हैं।
- मेटा पिक्सल: जब आप किसी दूसरी वेबसाइट या शॉपिंग ऐप पर कुछ देखते हैं, तो वहां लगा ‘मेटा पिक्सल’ इंस्टाग्राम को बता देता है कि आपकी दिलचस्पी किस चीज में है।
- लोकेशन और कुकीज: आपकी लोकेशन और ब्राउजिंग हिस्ट्री से यह अंदाजा लगाना आसान हो जाता है कि आपको इस वक्त किस चीज की जरूरत हो सकती है।
विज्ञापन को कैसे करें कंट्रोल? (मेटा अकाउंट्स सेंटर)
अगर आप चाहते हैं कि इंस्टाग्राम आपको आपकी पर्सनल लाइफ के आधार पर विज्ञापन न दिखाए, तो आप कुछ सेटिंग्स बदल सकते हैं। मेटा ने अब इंस्टाग्राम और फेसबुक दोनों की सेटिंग्स को ‘अकाउंट्स सेंटर’ में एक जगह कर दिया है।
- Ad Preferences: यहां जाकर आप ‘Ad partners’ से मिलने वाली जानकारी को बंद कर सकते हैं। इससे इंस्टाग्राम बाहरी वेबसाइट्स से मिले डेटा का इस्तेमाल विज्ञापन दिखाने के लिए नहीं कर पाएगा।
- Activity Off Meta: ‘Your information and permissions’ में जाकर आप अपनी पुरानी एक्टिविटी को डिस्कनेक्ट कर सकते हैं। इससे मेटा आपकी पुरानी ब्राउजिंग हिस्ट्री को भूल जाएगा।
क्या विज्ञापन बंद हो जाएंगे?
एक बात समझना बहुत जरूरी है—इन सेटिंग्स को बदलने के बाद भी इंस्टाग्राम पर विज्ञापन दिखना बंद नहीं होंगे। विज्ञापन तो आएंगे, लेकिन वे अब उतने ‘पर्सनल’ या सटीक नहीं होंगे। अब तो मेटा व्हाट्सएप स्टेटस और अपने नए AI फीचर्स में भी विज्ञापन दिखाने की तैयारी कर चुका है, इसलिए इनसे पूरी तरह बचना मुश्किल है।
डिजिटल दुनिया में ‘डेटा’ ही नई करेंसी है। इंस्टाग्राम आपकी बातें भले न सुनता हो, लेकिन आपकी हर क्लिक और हर स्वाइप उसे आपके बारे में वह सब बता देती है जो शायद आप खुद भी नहीं जानते। सतर्क रहकर सेटिंग्स को मैनेज करना ही अपनी प्राइवेसी बचाने का एकमात्र तरीका है।

