द लोकतंत्र: बिहार विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष और राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के नेता तेजस्वी प्रसाद यादव ने शनिवार को एक बड़ा दावा किया कि उनका नाम चुनाव आयोग द्वारा जारी ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में नहीं है। पटना में प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए उन्होंने कहा, “मैंने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) के दौरान फॉर्म भरा था, लेकिन ड्राफ्ट वोटर लिस्ट में मेरा नाम नहीं है। ऐसे में मैं आगामी विधानसभा चुनाव कैसे लड़ूंगा?”
तेजस्वी यादव ने मोबाइल एप पर अपना EPIC नंबर डालकर वोटर लिस्ट चेक किया और दावा किया कि उनका नाम नहीं दिखा। उन्होंने इसका वीडियो पत्रकारों को भी दिखाया।
चुनाव आयोग का जवाब
तेजस्वी यादव के दावे पर चुनाव आयोग (ECI) ने त्वरित प्रतिक्रिया दी। आयोग ने कहा, “हमारे संज्ञान में यह आया है कि तेजस्वी यादव ने दावा किया है कि उनका नाम ड्राफ्ट मतदाता सूची में नहीं है। वास्तविकता यह है कि उनका नाम सूची में 416वें नंबर पर दर्ज है। उनका दावा तथ्यात्मक रूप से गलत है।”
एक सितंबर को जारी होगी फाइनल वोटर लिस्ट
वर्तमान में जो वोटर लिस्ट जारी की गई है वह ड्राफ्ट लिस्ट है, न कि अंतिम सूची। चुनाव आयोग के अनुसार, 1 सितंबर 2025 को फाइनल मतदाता सूची जारी की जाएगी। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने कहा है कि एक अगस्त से एक सितंबर तक सभी मतदाता और राजनीतिक दल दावे और आपत्तियां दर्ज कर सकते हैं।
अगर किसी का नाम ड्राफ्ट लिस्ट में नहीं है, तो उन्हें एक महीने का समय दिया जाएगा अपना नाम शामिल करवाने के लिए। ऐसे में तेजस्वी यादव को भी यह मौका मिलेगा।
क्या है SIR प्रक्रिया?
विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision/SIR) प्रक्रिया के तहत नए मतदाताओं को जोड़ने, मृत या डुप्लिकेट नाम हटाने और वोटर डेटा अपडेट करने का कार्य किया जाता है।
तेजस्वी यादव के बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी, लेकिन चुनाव आयोग के स्पष्ट उत्तर के बाद मामला शांत होता दिख रहा है। अब नजरें 1 सितंबर को जारी होने वाली फाइनल वोटर लिस्ट पर टिकी हैं।

