द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : दिल्ली के वसंत कुंज स्थित श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट-रिसर्च में 17 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न के आरोपी स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती उर्फ पार्थसारथी को दिल्ली पुलिस ने 27 सितंबर की रात आगरा, यूपी के होटल फर्स्ट ताजगंज से गिरफ्तार किया। आरोपी पर कई छात्राओं को धमकाकर, ब्लैकमेल करके और मानसिक प्रताड़ना देने का गंभीर आरोप है। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को सफदरजंग अस्पताल ले जाकर मेडिकल जांच कराई गई और इसके बाद पटियाला कोर्ट में पेश किया गया, जहां उसे पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा गया।
दिल्ली पुलिस ने आरोपी स्वामी चैतन्यानंद के 8 करोड़ रुपये फ्रीज कर दिए हैं। यह रकम 18 बैंक खातों और 28 एफडी में जमा थी। यह राशि आरोपी के बनाए गए ट्रस्ट से जुड़ी हुई है। पुलिस इस रकम और ट्रस्ट के कनेक्शन की जांच कर रही है।
आरोपी स्वामी के पास मिले फर्जी दस्तावेज़ और मोबाइल
पुलिस ने आरोपी स्वामी चैतन्यानंद के पास से दो फर्जी विजिटिंग कार्ड बरामद किए। एक कार्ड में उसे संयुक्त राष्ट्र में स्थायी राजदूत और दूसरे में ब्रिक्स संयुक्त आयोग का सदस्य एवं भारत का विशेष दूत बताया गया। इसके अलावा आरोपी के पास तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस अब यह पता लगाने में लगी है कि स्वामी के साथ कौन-कौन लोग जुड़े हुए थे और उसने छात्राओं को ले जाने वाली जगहों का कौन सा रूट इस्तेमाल किया।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने आर्थिक रूप से कमजोर ईडब्ल्यूएस कोटे की छात्राओं को निशाना बनाया। वह उन्हें धमकाकर, अश्लील मैसेज भेजकर और विदेश यात्रा का झांसा देकर अपने जाल में फंसा रहा। वॉट्सएप चैट में आरोपी ने छात्राओं को ‘बेबी’, ‘आई लव यू’ और ‘आई अडोर यू’ जैसे मैसेज भेजे। इसके अलावा उनके बाल और कपड़े की तारीफ भी की जाती थी।
जांच में यह भी सामने आया कि तीन महिला वार्डन और फैकल्टी सदस्य आरोपी की मदद करती थीं। वे छात्राओं पर दबाव डालकर चैट्स डिलीट करवाती और उन्हें चुप रहने के लिए कहती थीं।
गिरफ्तारी से पहले आगरा में छुपा था आरोपी
दिल्ली पुलिस ने बताया कि आरोपी पिछले 50 दिनों से फरार था और उसकी आखिरी लोकेशन आगरा में मिली। पुलिस ने बताया कि आरोपी शनिवार शाम को होटल फर्स्ट, ताजगंज आगरा में दाखिल हुआ था। होटल के रिसेप्शनिस्ट भरत ने कहा कि स्वामी ने अपना नाम पार्थ सारथी बताया। पुलिस ने देर रात दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार किया और 10 मिनट तक होटल में पूछताछ की।
पुलिस ने बताया कि आरोपी ने छात्राओं को कमरे में बुलाया और अगर उन्होंने उसकी बात नहीं मानी तो परीक्षा में फेल करने की धमकी दी। इसके अलावा, विदेश यात्रा और मुफ्त खर्च का लालच देकर छात्राओं को फंसाया गया। इस दौरान आरोपी ने कई बार अश्लील मैसेज भेजे, जिसमें लिखा होता था- मेरे कमरे में आओ, मैं तुम्हें विदेश ले जाऊंगा, तुम्हें कुछ खर्च नहीं करना होगा, अगर मेरी बात नहीं मानी तो तुम्हें फेल कर दूंगा।
प्राथमिकी और कोर्ट में दर्ज बयान
स्वामी चैतन्यानंद के खिलाफ अब तक 5 प्राथमिकी दर्ज की गई हैं। इनमें से 2 पुरानी एफआईआर 2009 और 2016 की हैं। इसके अलावा धोखाधड़ी, छात्राओं के साथ छेड़छाड़ और फर्जी डिप्लोमैट नंबर प्लेट जैसी प्राथमिकियां भी शामिल हैं। आरोपी ने लाल गाड़ी में बार-बार नंबर प्लेट बदलकर यूएन लिखा रखा।
दिल्ली पुलिस के अनुसार अब तक 16 छात्राओं ने मजिस्ट्रेट के सामने बयान दर्ज कराए हैं, जिसमें पता चला कि आरोपी ने छात्राओं को ब्लैकमेल किया और धमकाया। कुल 183 बयान पुलिस ने दर्ज किए हैं।

