द लोकतंत्र : हल्दी भारतीय रसोई का अहम हिस्सा है और इसे औषधीय गुणों की खान माना जाता है। चोट लगने पर हल्दी वाला दूध पीना आम बात है, क्योंकि यह घाव भरने में मदद करता है। हल्दी में मौजूद करक्यूमिन कंपाउंड (Curcumin) शरीर को कई बीमारियों से बचाने और रोग प्रतिरोधक क्षमता को मजबूत बनाने में सहायक है। लेकिन सवाल ये है कि हल्दी का सेवन दूध के साथ ज्यादा लाभकारी है या फिर पानी के साथ?
हल्दी वाला दूध या पानी – क्या है बेहतर?
विशेषज्ञों के अनुसार, हल्दी का सेवन दूध और पानी दोनों के साथ किया जा सकता है, लेकिन दोनों का असर शरीर पर अलग-अलग तरीके से दिखाई देता है।
वजन घटाने और डिटॉक्स के लिए – हल्दी का पानी ज्यादा फायदेमंद माना जाता है। इसे सुबह खाली पेट पीना बेहतर होता है।
इम्यूनिटी और हड्डियों के लिए – हल्दी वाला दूध लाभकारी है, क्योंकि इसमें कैल्शियम, विटामिन डी और बी12 भी मिलता है जो हड्डियों और मसल्स को मजबूत बनाते हैं।
दिल को हेल्दी रखती है हल्दी
नेशनल लाइब्रेरी ऑफ मेडिसिन में प्रकाशित रिपोर्ट के मुताबिक, हल्दी का करक्यूमिन कंपाउंड दिल की बीमारियों के जोखिम को कम कर सकता है। यह बढ़ती उम्र और मोटापे से जुड़ी हार्ट डिजीज के खतरे को घटाने में मदद करता है।
हल्दी के और फायदे
दिमागी स्वास्थ्य के लिए लाभकारी – यह ब्रेन सेल्स के विकास को बढ़ावा देती है।
गठिया और जोड़ों के दर्द में राहत – करक्यूमिन सप्लीमेंट्स को आर्थराइटिस मरीजों के लिए कारगर माना गया है।
एंटी-इंफ्लामेटरी गुण – शरीर में सूजन को कम करने और फ्री रेडिकल्स से बचाने में सहायक।
हल्दी वाला पानी कैसे बनाएं?
रातभर कच्ची हल्दी को पानी में भिगोकर सुबह पिएं।
या फिर कच्ची हल्दी को उबालकर गुनगुना पी सकते हैं।
पिसी हल्दी का इस्तेमाल करना हो तो कोशिश करें कि घर पर ही हल्दी पीसकर तैयार करें।
हल्दी वाला दूध क्यों है खास?
हल्दी वाला दूध इम्यूनिटी बढ़ाने, सर्दी-खांसी में राहत देने और नींद को बेहतर बनाने में मदद करता है। इसमें मौजूद कैल्शियम और विटामिन डी हड्डियों और मांसपेशियों को मजबूत रखते हैं।

