द लोकतंत्र/ पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को मुजफ्फरपुर में अपने ही कार्यकर्ताओं के विरोध का सामना करना पड़ा। जानकारी के मुताबिक, मुजफ्फरपुर के क्लब मैदान में आयोजित नामांकन सह आशीर्वाद सभा के दौरान जमकर हंगामा और नारेबाजी हुई।
यह विवाद औराई विधानसभा सीट से पूर्व मंत्री रामसूरत राय का टिकट कटने के बाद भड़का, जब पार्टी ने उनकी जगह पूर्व सांसद अजय निषाद की पत्नी रमा निषाद को प्रत्याशी बनाया।
कार्यकर्ताओं ने मंच के पास पहुंचकर विरोध जताया
रामसूरत राय के समर्थक इस फैसले से नाराज होकर सभा स्थल पर पहुंचे और रामसूरत राय को न्याय दो के नारे लगाने लगे। हाथों में बैनर और पोस्टर लिए कार्यकर्ताओं ने मंच के पास पहुंचकर विरोध जताया, जिससे कुछ देर के लिए सभा स्थल पर अफरातफरी और तनावपूर्ण माहौल बन गया। मौके पर मौजूद पुलिस और प्रशासन ने स्थिति संभालने की कोशिश की, लेकिन प्रदर्शनकारियों के हंगामे ने भाजपा नेतृत्व के लिए असहज स्थिति पैदा कर दी।
मनोज तिवारी की अपील – पार्टी का फैसला सर्वोपरि
कार्यक्रम में भाजपा के वरिष्ठ नेता और भोजपुरी अभिनेता मनोज तिवारी, पूर्व सांसद अजय निषाद, और भाजपा प्रत्याशी रमा निषाद मौजूद थीं। जब मनोज तिवारी मंच पर पहुंचे, तो उन्होंने कार्यकर्ताओं से अनुशासन बनाए रखने और एकजुट रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि पार्टी का फैसला सर्वोपरि है और हर कार्यकर्ता को संगठन के निर्णय का सम्मान करना चाहिए। उनकी अपील के बाद माहौल कुछ हद तक शांत हुआ और सभा को आगे बढ़ाया गया।
फिलहाल, औराई विधानसभा सीट के टिकट बंटवारे को लेकर असंतोष भाजपा के लिए नई चुनौती बनकर सामने आया है। रामसूरत राय के समर्थक अब भी पार्टी नेतृत्व से इस निर्णय पर पुनर्विचार करने की मांग कर रहे हैं। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा को इस तरह का असंतोष चुनाव के बीच नुकसानदेह साबित हो सकता है, खासकर तब जब पार्टी संगठनात्मक एकता और एनडीए गठबंधन की मजबूती पर जोर दे रही है।
यह घटना भाजपा के भीतर टिकट वितरण से उपजे असंतोष और गुटबाजी की झलक मानी जा रही है। चुनावी माहौल के बीच पार्टी के लिए यह जरूरी होगा कि वह जल्द स्थिति को संभाले, ताकि विरोध की यह लहर चुनावी गणित को प्रभावित न कर सके।

