द लोकतंत्र/ पटना : बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के बीच राज्य में आदर्श आचार संहिता लागू हो चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कई नेताओं और कार्यकर्ताओं द्वारा नियमों की अनदेखी जारी है। इसी कड़ी में जनशक्ति जनता दल (JJD) के नेता और पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव एक बार फिर विवादों में घिर गए हैं। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें तेज प्रताप यादव के नामांकन के दौरान उनकी पार्टी के कार्यकर्ता एक निजी बोलेरो वाहन पर पुलिस का स्टिकर और सायरन लाइट लगाकर प्रचार करते हुए नजर आ रहे हैं।
यह वीडियो वायरल होने के बाद बिहार पुलिस हरकत में आ गई। वैशाली जिला पुलिस ने मामले की जांच शुरू की और जांच में यह साफ हुआ कि संबंधित बोलेरो वाहन किसी भी सरकारी विभाग का नहीं है। वाहन पर अवैध रूप से पुलिस का स्टिकर और सायरन लगाकर प्रचार किया गया था, जो न केवल आचार संहिता का उल्लंघन है बल्कि कानून का भी सीधा उल्लंघन है।
एफआईआर दर्ज, पुलिस ने शुरू की कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए वैशाली के पुलिस अधीक्षक (SP) ललित मोहन शर्मा ने तत्काल जांच के आदेश दिए। जांच पूरी होने के बाद महुआ अंचल अधिकारी के लिखित आवेदन पर महुआ थाने में तेज प्रताप यादव और उनके समर्थकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है।
इस मामले में महुआ थाना कांड संख्या 1025/25, दिनांक 19.10.2025 के तहत धारा 319(2)/223/176 बीएनएस में मामला दर्ज हुआ है। ये धाराएं सरकारी पहचान के दुरुपयोग, सार्वजनिक सुरक्षा में बाधा डालने और आचार संहिता उल्लंघन से जुड़ी हैं।
वैशाली एसपी ने दी सख्त चेतावनी
वैशाली एसपी ललित मोहन शर्मा ने मीडिया से बातचीत में कहा कि विधानसभा चुनाव के दौरान आचार संहिता के सख्त पालन के लिए पुलिस की निगरानी लगातार जारी है। उन्होंने बताया कि वायरल वीडियो के आधार पर तुरंत कार्रवाई की गई और आगे भी ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की रियायत नहीं दी जाएगी। एसपी ने कहा, चुनाव आयोग के निर्देशानुसार जिले में हर राजनीतिक गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कोई भी व्यक्ति या पार्टी अगर कानून तोड़ती है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई अनिवार्य है। चाहे वह कोई भी नेता क्यों न हो।
तेज प्रताप यादव की चुप्पी, विपक्ष का हमला
तेज प्रताप यादव की ओर से इस घटना पर अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। वहीं, भाजपा और जदयू नेताओं ने इस घटना पर तीखी प्रतिक्रिया दी है। भाजपा प्रवक्ता ने कहा कि तेज प्रताप यादव लगातार कानून को ताक पर रखकर राजनीति करते हैं। चुनाव आयोग को चाहिए कि ऐसे नेताओं पर सख्त कार्रवाई की जाए ताकि लोकतांत्रिक प्रक्रिया की गरिमा बनी रहे।
वहीं, जदयू नेता ने कहा कि यह घटना बताती है कि कुछ लोग सत्ता पाने के लिए किसी भी हद तक जा सकते हैं। पुलिस का स्टिकर लगाकर प्रचार करना न केवल कानून का मज़ाक है बल्कि जनता की आंखों में धूल झोंकने जैसा है। इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस टीम (FST) और वीडियो सर्विलांस टीम (VST) को भी सक्रिय किया गया है ताकि किसी भी तरह की आचार संहिता उल्लंघन की गतिविधि को तुरंत रिकॉर्ड किया जा सके।

