द लोकतंत्र/ पटना : बिहार विधानसभा चुनाव से पहले प्रशांत किशोर की जन सुराज पार्टी (Jan Suraj Party) को बड़ा झटका लगा है। पार्टी के तीन उम्मीदवारों ने चुनावी मैदान से किनारा कर लिया है। गोपालगंज सदर सीट से डॉ. शशि शेखर सिन्हा, ब्रह्मपुर सीट के प्रत्याशी ने नामांकन वापस ले लिया। और, दानापुर सीट से उम्मीदवार ने तो नामांकन दाखिल नहीं किया। इससे जन सुराज की चुनावी तैयारी पर सवाल खड़े हो गए हैं।
डॉ. शशि शेखर सिन्हा ने सोमवार को अपना नामांकन वापस ले लिया
गोपालगंज सदर विधानसभा (101) से जन सुराज के वरिष्ठ नेता और प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. शशि शेखर सिन्हा ने सोमवार को अपना नामांकन वापस ले लिया। इसके बाद एनडीए समर्थित भाजपा उम्मीदवार सुभाष सिंह उनसे मुलाकात के लिए अंबेडकर चौक स्थित उनके आवास पहुंचे। मुलाकात के दौरान डॉ. सिन्हा ने बढ़ती उम्र और स्वास्थ्य कारणों का हवाला देते हुए चुनाव से हटने का निर्णय बताया। उन्होंने कहा, हम सब एक हैं। उनका यह बयान क्षेत्र में एनडीए की एकजुटता का संदेश माना जा रहा है।
राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि डॉ. सिन्हा के नामांकन वापस लेने से गोपालगंज सीट पर भाजपा उम्मीदवार सुभाष सिंह की स्थिति मजबूत हो गई है। वहीं, जन सुराज पार्टी के लगातार पीछे हटने से यह संकेत मिल रहा है कि प्रशांत किशोर की पार्टी अभी संगठनात्मक रूप से पूरी तरह तैयार नहीं है।
VIP नेता ने थामा भाजपा का दामन
VIP नेता ने थामा भाजपा का दामन उधर, विकासशील इंसान पार्टी (VIP) को भी करारा झटका लगा है। पार्टी के वरिष्ठ नेता सकलदेव बिंद ने नामांकन वापस लेने के बाद मुंगेर जिले के टेटिया बंबर प्रखंड के हाथीनाथ मैदान में अपने समर्थकों के साथ भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। भाजपा में शामिल होते ही उन्होंने महागठबंधन पर तीखा हमला बोला और कहा, अब बिंद समाज और अति पिछड़ा वर्ग महागठबंधन को वोट नहीं देगा।
इन घटनाओं के बाद स्पष्ट है कि बिहार विधानसभा चुनाव से पहले विपक्षी खेमे में दरार और असंतोष बढ़ता जा रहा है, जबकि भाजपा और एनडीए अपनी स्थिति मजबूत करने में जुटे हैं।

