द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : देशभर में आज (सोमवार, 20 अक्टूबर 2025) दिवाली का पर्व पूरे हर्ष और उल्लास के साथ मनाया जा रहा है। रोशनी के इस त्योहार ने भारत को सचमुच ‘दीपमय’ बना दिया है। शहरों और गाँवों में दीयों और रंग-बिरंगी लाइटों की चमक ने हर चेहरे पर मुस्कान बिखेर दी। बाजारों में खरीदारी और मिठाइयों की मिठास ने त्योहार की रौनक को और बढ़ा दिया। शाम ढलते ही आकाश में आतिशबाज़ी ने जादू भरी रोशनी बिखेरी और पूरे देश को त्योहार के रंग में रंग दिया।
भुवनेश्वर से दिल्ली तक – रोशनी का शानदार नजारा
भुवनेश्वर की गलियों और इमारतों को रंग-बिरंगी लाइटों से सजाया गया, जिससे शहर पूरी तरह दीपमय नजर आया। लखनऊ में श्रद्धालु देवी लक्ष्मी की पूजा करते हुए दिवाली का जश्न मना रहे थे। वहीं, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर भी रंग-बिरंगी रोशनी और सजावट ने यात्रियों और शहरवासियों का ध्यान आकर्षित किया।
मुंबई के शिवाजी पार्क में दिवाली की रात में आकर्षक रंगीन लाइटों और पटाखों ने ऐसा दृश्य प्रस्तुत किया जैसे कोई विशाल चित्रपट सामने हो। गुवाहाटी के सुपरमार्केट इलाके में लोगों ने दीये जलाकर दिवाली मनाई और प्रसिद्ध गायक जुबीन गर्ग को श्रद्धांजलि अर्पित की।
तमिलनाडु के विरुधुनगर जिले के सिवाकासी शहर से दिवाली का नज़ारा बेहद खूबसूरत रहा। ड्रोन कैमरों से लिए गए वीडियो और तस्वीरों में शहर की सड़कों, इमारतों और गलियों को रंग-बिरंगी रोशनी से सजाया गया देखा गया। शाम के समय शहर का आकाश पटाखों और आतिशबाज़ियों से जगमगा उठा, जिससे त्योहार की रौनक और भी बढ़ गई।
नेताओं ने भी मनाई दीपावली
दिवाली की रौनक राजनीति जगत तक भी पहुंची। पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता के कालीघाट काली मंदिर में माँ काली की पूजा अर्चना कर दीयों की रोशनी में दिवाली मनाई। वहीं, बीजेपी नेता तमिलिसाई सुंदरराजन ने चेन्नई के सालिग्रामम में अपने घर पर कार्यकर्ताओं के साथ पटाखे फोड़कर और मिठाइयां बांटकर दिवाली का जश्न मनाया।
राजस्थान के डिप्टी सीएम प्रेम चंद बैरवा ने परिवार संग लक्ष्मी पूजा कर देशवासियों को दीपावली की शुभकामनाएँ दीं। इस तरह पूरे देश में नेताओं और आम जनता ने मिलकर त्योहार को खास बनाया।
सीमा पर जवानों ने भी मनाई दिवाली
भारत-बांग्लादेश सीमा पर तैनात बीएसएफ जवानों ने भी दिवाली का पर्व पूरे हर्षोल्लास के साथ मनाया। फुलबाड़ी क्षेत्र में जवानों ने मंदिर में पूजा की, मिठाइयाँ बांटी और अपने साथियों को शुभकामनाएँ दीं। बीएसएफ कांस्टेबल दिव्या ठाकुर ने कहा, हम बॉर्डर की रखवाली करते हुए भी अपने साथियों के साथ परिवार जैसी दिवाली मनाते हैं। हमने दीये जलाए, मिठाइयाँ बांटी और एक-दूसरे को शुभकामनाएं दीं – यही हमारा परिवार है। यह नजारा दिखाता है कि देश के जवान सीमाओं पर रहते हुए भी अपने त्योहारों को पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाते हैं।
दिवाली ने फिर जोड़ा भारत को – एक दीप, एक भावना, एक देश
दिवाली ने एक बार फिर साबित किया कि भारत केवल त्योहार नहीं मनाता, बल्कि उन्हें जीता है। महानगरों से लेकर छोटे गाँवों तक, सीमाओं से लेकर शहरों तक हर दीपक ने यही संदेश दिया कि अंधकार मिटे, उजाला फैले और हर दिल में प्रेम और सद्भाव की ज्योति जलती रहे। दिवाली की रात सिर्फ रोशनी और पटाखों तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह एकजुटता, सामाजिक मेल-जोल और देशभक्ति का प्रतीक भी बनी।
देशभर में दीपों और रोशनी की चमक ने साबित कर दिया कि दिवाली सिर्फ पर्व नहीं, बल्कि हर भारतीय के दिल में खुशी, प्रेम और आशा की ज्योति जगा देती है।

