द लोकतंत्र/ पटना : बिहार में 20 नवंबर को नीतीश कुमार के नेतृत्व में नई NDA सरकार का गठन होते ही राजनीतिक माहौल एक बार फिर गरमा गया है। मुख्यमंत्री के शपथ लेने के कुछ घंटे बाद ही विपक्षी दल आरजेडी ने NDA के नए मंत्रियों पर ‘परिवारवाद’ का आरोप लगाते हुए तीखा हमला बोला है। RJD ने अपने आधिकारिक X (ट्विटर) हैंडल से एक पोस्ट साझा कर कई मंत्रियों की पारिवारिक पृष्ठभूमि का उल्लेख किया और तंज करते हुए कहा कि NDA नेताओं द्वारा अक्सर लगाए जाने वाले ‘परिवारवाद विरोधी’ दावे अब खोखले साबित हो रहे हैं।
RJD ने अपने पोस्ट में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर भी अप्रत्यक्ष निशाना साधा, यह कहते हुए कि दोनों नेता परिवारवाद के विरोध की बात करते हैं, लेकिन उनके मंत्रिमंडल में कई चेहरे राजनीतिक परिवारों से आते हैं। RJD का यह हमला उस समय आया है जब NDA लगातार लालू यादव और उनके परिवार पर परिवारवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगाता रहा है।
ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं परिवारवाद के घोर विरोधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और…
RJD के पोस्ट का पहला निशाना बना संतोष सुमन, जो HAM प्रमुख और पूर्व मुख्यमंत्री जीतन राम मांझी के बेटे हैं। पोस्ट में लिखा गया, मैं पूर्व मुख्यमंत्री व गया से सांसद जीतन राम मांझी का पुत्र, वर्तमान विधायक ज्योति मांझी का दामाद और वर्तमान विधायक दीपा मांझी का पति संतोष सुमन मांझी! RJD ने इसे ‘तीन दिशाओं से राजनीतिक विरासत’ बताते हुए व्यंग्य किया।
इसके बाद RJD ने उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी का नाम लेते हुए लिखा, मैं पूर्व मंत्री शकुनी चौधरी और पूर्व विधायक पार्वती देवी का पुत्र सम्राट चौधरी! यह तंज इस बात पर केंद्रित था कि सम्राट चौधरी स्वयं परिवारवाद पर अक्सर कड़ी टिप्पणियाँ करते रहे हैं। RJD ने इसी क्रम में कई अन्य मंत्रियों की पारिवारिक पृष्ठभूमि पर सवाल उठाए :
- दीपक प्रकाश, RLM नेता और उपेंद्र कुशवाहा के पुत्र
- श्रेयसी सिंह, पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह की पुत्री
- रमा निषाद, पूर्व केंद्रीय मंत्री जय नारायण निषाद की बहू
- विजय चौधरी, पूर्व विधायक जगदीश प्रसाद चौधरी के पुत्र
- अशोक चौधरी, पूर्व मंत्री महावीर चौधरी के बेटे
- नितिन नवीन, पूर्व विधायक नवीन किशोर सिन्हा के पुत्र
- सुनील कुमार, पूर्व मंत्री चंद्रिका राम के पुत्र
- लेसी सिंह, समता पार्टी के पूर्व जिला अध्यक्ष भूटन सिंह की पत्नी
पोस्ट के अंत में RJD ने व्यंग्यपूर्ण लहजे में लिखा, ईश्वर की शपथ लेता हूं कि मैं परिवारवाद के घोर विरोधी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के स्नेह से परिवारवाद समाप्त कर एक नए बिहार का निर्माण करूंगा। इस आखिरी पंक्ति से RJD ने NDA पर डबल स्टैंडर्ड अपनाने का आरोप लगाया। गौरतलब है कि RJD और लालू यादव पर वर्षों से ‘परिवारवाद’ का आरोप लगता रहा है।
अब नई NDA सरकार के गठन के तुरंत बाद RJD ने इस मुद्दे को राजनीतिक हथियार के रूप में इस्तेमाल करना शुरू कर दिया है। यह हमला आने वाले दिनों में बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा कर सकता है। अब सबकी निगाहें इस पर हैं कि NDA की ओर से इस आरोप पर क्या प्रतिक्रिया आती है।
क्या NDA इस हमला को नजरअंदाज करेगी या इसका सख्त जवाब देगी। यह आने वाला समय बताएगा। बिहार की नई राजनीतिक पारी की शुरुआत ही एक तीखी सियासी बहस के साथ हुई है, जिससे यह साफ है कि राज्य की राजनीति आने वाले महीनों में और भी गर्म रहने वाली है।

