द लोकतंत्र : इस साल भारतीय बाजार में सोने की कीमतों ने अभूतपूर्व तेज़ी दर्ज की है। अप्रैल में एक लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के रिकॉर्ड स्तर को छूने के बाद, मंगलवार, 25 नवंबर को दिल्ली के सर्राफा बाजार में यह कीमत ₹1,28,900 रुपये प्रति 10 ग्राम के नए ऐतिहासिक स्तर पर पहुँच गई। शादी-विवाह के त्योहारी मौसम की बढ़ी हुई मांग और वैश्विक आर्थिक अनिश्चितता के कारण, सोना अन्य निवेश साधनों की तुलना में सबसे अधिक पसंद किया जाने वाला सुरक्षित निवेश (Safe Haven) बन गया है। इस बढ़ते आकर्षण के बीच, यह सवाल महत्वपूर्ण हो गया है कि यदि कोई निवेशक आज पाँच लाख रुपये का निवेश करता है, तो अगले पाँच वर्षों में (2030 तक) वह कितना रिटर्न प्राप्त कर सकता है।
लगातार बढ़ती कीमतें और CAGR का प्रदर्शन
सोने की कीमत में यह वृद्धि केवल क्षणिक नहीं है, बल्कि दीर्घकालिक वृद्धि दर (Long-Term Growth Rate) को दर्शाती है।
- CAGR प्रदर्शन: वर्ष 2000 से 2025 के बीच सोने का कंपाउंड एनुअल ग्रोथ रेट (CAGR) लगभग 14% रहा है। यह दर दिखाती है कि सोने ने दीर्घकालिक आधार पर लगातार मजबूत रिटर्न दिया है।
- ऐतिहासिक डेटा: 25 साल पहले (वर्ष 2000) 24 कैरेट सोने की कीमत मात्र ₹4,400 प्रति 10 ग्राम थी, जो अब ₹1.25 लाख प्रति 10 ग्राम के आसपास है। इस अवधि में सोने की कीमतों में औसतन 25% से 35% वार्षिक वृद्धि देखने को मिली है।
कीमतें बढ़ने के मुख्य कारण
सोने की कीमतों में इस अभूतपूर्व तेज़ी के पीछे कई मूलभूत आर्थिक कारक जिम्मेदार हैं:
- वैश्विक अस्थिरता: भू-राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता के कारण निवेशक अपनी पूंजी को सोने जैसे सुरक्षित साधनों में स्थानांतरित कर रहे हैं।
- महंगाई (Inflation): बढ़ती महंगाई के खिलाफ सोने को सर्वश्रेष्ठ बचाव (Hedge) माना जाता है। जब अन्य संपत्तियों का मूल्य कम होता है, तब सोना अपनी क्रय शक्ति (Purchasing Power) बनाए रखता है।
- स्थानीय मांग: भारत में शादी के मौसम और त्योहारों के कारण स्थानीय ज्वेलर्स की मांग में आई तेज़ी ने भी कीमतों को समर्थन दिया है।
2030 तक संभावित रिटर्न का अनुमान
मार्केट एक्सपर्ट्स और विभिन्न रिपोर्ट्स का मानना है कि यदि मौजूदा तेज़ी और वैश्विक अनिश्चितता आगे भी जारी रहती है, तो सोना मजबूत रिटर्न देना जारी रखेगा।
- पैसे का दोगुना होना: विशेषज्ञ अनुमान लगाते हैं कि यदि 14% का CAGR भी बरकरार रहता है, तो आज किया गया 5 लाख रुपये का निवेश 2030 तक लगभग दोगुना हो सकता है।
- मूल्य अनुमान: कई रिपोर्ट्स का अनुमान है कि 2030 तक सोना ₹2,50,000 रुपये प्रति 10 ग्राम तक पहुँच सकता है। कुछ अत्यधिक बुलिश रिपोर्ट्स तो ₹7 लाख से ₹7.5 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम तक की कीमत का दावा भी करती हैं।
यह स्पष्ट है कि सोना केवल सुरक्षित निवेश नहीं रहा, बल्कि उत्कृष्ट विकास की क्षमता वाला एक साधन भी बन गया है, जो वित्तीय पोर्टफोलियो को मजबूती और स्थिरता प्रदान कर सकता है।

