द लोकतंत्र : छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शुक्रवार से शुरू हुए तीन दिवसीय 60वें पुलिस महानिदेशक/महानिरीक्षक (DGP/IGP) सम्मेलन में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने देश की आंतरिक सुरक्षा की स्थिति पर आत्मविश्वास और सख्त रणनीति का परिचय दिया। इस औपचारिक उद्घाटन सत्र में उन्होंने देश के शीर्ष पुलिस अधिकारियों को संबोधित करते हुए नक्सलवाद और संगठित अपराध जैसी चुनौतियों से निपटने के लिए एक दूरगामी रोडमैप प्रस्तुत किया। यह सम्मेलन 30 नवंबर तक चलेगा, जिसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी दो दिनों तक प्रवास करेंगे।
नक्सलवाद पर निर्णायक जीत का दावा
गृहमंत्री अमित शाह ने नक्सलवाद की समस्या पर मोदी सरकार की सफलता का आँकड़ा प्रस्तुत किया।
- ऐतिहासिक कमी: उन्होंने दावा किया कि पिछले 40 साल से देश के लिए चुनौती बने नक्सलवाद का स्थायी समाधान निकाला गया है। नक्सल प्रभावित 126 जिलों की संख्या घटकर अब सिर्फ 11 रह गई है।
- भविष्य की घोषणा: सबसे महत्वपूर्ण घोषणा यह रही कि अगली DGP/IGP कॉन्फ्रेंस से पहले देश पूरी तरह नक्सलवाद से मुक्त हो जाएगा।
- सुरक्षा ढाँचा: उन्होंने बताया कि सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने के लिए पिछले सात वर्षों में 586 फ़ोर्टिफाइड पुलिस स्टेशन बनाए गए हैं, जो सुरक्षा बलों को मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
कानून व्यवस्था का आधुनिकीकरण
शाह ने कानून-व्यवस्था को वैश्विक स्तर पर ले जाने की सरकार की प्रतिबद्धता दोहराई।
- नए आपराधिक कानून: उन्होंने कहा कि तीन नए आपराधिक कानूनों के माध्यम से देश की पुलिसिंग को विश्व की सबसे आधुनिक पुलिसिंग में बदलने की दिशा में निर्णायक कदम उठाया गया है।
- सशक्तीकरण: NIA (राष्ट्रीय जांच एजेंसी) और UAPA (गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम) को और मजबूत किया गया है। PFI (पॉपुलर फ्रंट ऑफ इंडिया) पर लगाया गया प्रतिबंध और देशभर में समन्वित कार्रवाई को उन्होंने केंद्र-राज्य सहयोग का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
संगठित अपराध और मादक पदार्थों पर 360 डिग्री प्रहार
गृहमंत्री ने कट्टरता, उग्रवाद और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बहुआयामी रणनीति पर ज़ोर दिया।
- रणनीति: उन्होंने खुफिया जानकारी (Intelligence) की सटीकता (Accuracy), उद्देश्य की स्पष्टता (Objective Clarity) और कार्रवाई में तालमेल (Action Synergy) को प्रमुख रणनीति बताया।
- नारकोटिक्स पर फोकस: उन्होंने नारकोटिक्स और संगठित अपराध पर 360 डिग्री प्रहार करने का आह्वान किया, ताकि अपराधियों को देश में कहीं भी पनाह न मिल सके। उन्होंने राज्यों की पुलिस से NCB (नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो) के साथ मिलकर अंतरराज्यीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सक्रिय ड्रग माफियाओं पर बड़ी कार्रवाई करने की अपील की।
सम्मेलन के प्रमुख एजेंडे
इस तीन दिवसीय सम्मेलन में वामपंथी उग्रवाद, आतंकवाद-रोधी रणनीतियाँ, आपदा प्रबंधन, महिला सुरक्षा और पुलिस व्यवस्था में फोरेंसिक विज्ञान एवं आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर गहन मंथन होगा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज (शनिवार) इस बैठक में शामिल होंगे और राष्ट्रपति पुलिस पदक भी प्रदान करेंगे।

