द लोकतंत्र : भारतीय जनता पार्टी ने बिहार की राजनीति में एक बड़ा और रणनीतिक संगठनात्मक बदलाव किया है। दरभंगा शहर से लगातार छह बार विधायक चुने गए संजय सरावगी को बिहार बीजेपी का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। उन्होंने पूर्व अध्यक्ष संजय जायसवाल का स्थान लिया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है, जब पार्टी राज्य में आगामी चुनावी चुनौतियों के लिए अपनी जमीन तैयार कर रही है और कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरने की रणनीति पर काम कर रही है।
वैश्य चेहरा और सामाजिक संतुलन
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि संजय सरावगी की नियुक्ति पार्टी की सोची-समझी रणनीति का हिस्सा है। सरावगी को पार्टी का प्रमुख वैश्य चेहरा माना जाता है और इस समुदाय में उनकी मजबूत पकड़ है।
- चुनावी गणित: बिहार में चुनावी गणित हमेशा सामाजिक समीकरणों पर निर्भर रहा है। वैश्य समाज के एक प्रभावशाली चेहरे को प्रदेश अध्यक्ष बनाना स्पष्ट रूप से इस वोट बैंक को मजबूत करने और सामाजिक संतुलन बनाए रखने की दिशा में एक अहम कदम है।
- प्रशासनिक अनुभव: सरावगी पिछली एनडीए सरकार में राजस्व एवं भूमि सुधार मंत्री के पद पर भी रह चुके हैं। उनका यह प्रशासनिक अनुभव संगठनात्मक गतिविधियों को जमीनी स्तर पर लागू करने में सहायक होगा।
सरावगी का लंबा सियासी और संगठनात्मक सफर
संजय सरावगी का राजनीतिक सफर छात्र राजनीति से शुरू हुआ और वह पार्टी में निचले स्तर से ऊपर उठे हैं।
- जमीनी जुड़ाव: उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) में 10 वर्षों तक विभिन्न पदों पर कार्य किया। इसके बाद, वह युवा मोर्चा के जिला मंत्री (1999), नगर मंडल अध्यक्ष (2001) और जिला महामंत्री (2003) जैसे महत्वपूर्ण संगठनात्मक पदों पर रहे।
- विधायक सफर: वे फरवरी 2005 से लेकर 2025 तक लगातार छह बार दरभंगा सदर विधानसभा से प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। उनका यह लगातार जनादेश दर्शाता है कि क्षेत्रीय स्तर पर उनकी पकड़ अत्यंत मजबूत है। इसके अलावा, उन्होंने प्रदेश भाजपा गौवंश प्रकोष्ठ के संयोजक और कई जिलों में संगठन चुनाव प्रभारी के रूप में भी कार्य किया है।
राष्ट्रीय कार्यकारिणी में नितिन नबीन का प्रमोशन
यह बदलाव इस बात पर भी जोर देता है कि पार्टी युवा और अनुभवी नेताओं को आगे बढ़ा रही है। सरावगी की नियुक्ति ऐसे समय में हुई है, जब बिहार के एक अन्य वरिष्ठ नेता नितिन नबीन को बीजेपी का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष बनाया गया है। यह डबल प्रमोशन बिहार भाजपा के कार्यकर्ताओं के बीच एक नया जोश पैदा करने की संभावना रखता है और आगामी चुनावी मोर्चों के लिए पार्टी को और अधिक संगठित करेगा।

