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SIR ड्राफ्ट वोटर लिस्ट जारी: पश्चिम बंगाल में 58 लाख नाम हटे, राजस्थान-गोवा-लक्षद्वीप में भी बड़ी संख्या में कटौती

SIR draft voter list released: 58 lakh names removed in West Bengal, significant reductions also in Rajasthan, Goa, and Lakshadweep.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल, राजस्थान, गोवा, पुडुचेरी और लक्षद्वीप में चल रही स्पेशल इंटेंसिव रिविजन (SIR) प्रक्रिया के बाद ड्राफ्ट मतदाता सूची जारी कर दी है। इस प्रक्रिया का उद्देश्य मतदाता सूची को अधिक शुद्ध, पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाना है। आयोग के अनुसार हटाए गए नामों में मृत मतदाता, स्थानांतरित (शिफ्टेड), अनुपस्थित और डुप्लीकेट वोटर्स शामिल हैं। ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद योग्य मतदाताओं को दोबारा आवेदन का मौका भी दिया गया है।

पश्चिम बंगाल में सबसे बड़ा असर

आधिकारिक आंकड़ों के मुताबिक, पश्चिम बंगाल में 4 नवंबर से 11 दिसंबर के बीच चली SIR प्रक्रिया के बाद 58 लाख 20 हजार 898 मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट वोटर लिस्ट से हटा दिए गए हैं। इससे पहले राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 7 करोड़ 66 लाख 37 हजार 529 थी, जो अब घटकर 7 करोड़ 08 लाख 16 हजार 630 रह गई है। चुनाव आयोग का कहना है कि यह कटौती लंबे समय से सूची में मौजूद अवैध और निष्क्रिय नामों की पहचान के बाद की गई है।

राजस्थान में 42 लाख नाम हटे

राजस्थान में SIR के बाद बड़ा बदलाव देखने को मिला है। आयोग के अनुसार राज्य में कुल 5 करोड़ 46 लाख 56 हजार 215 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से करीब 42 लाख मतदाताओं के नाम ड्राफ्ट सूची से हटाए गए हैं।

राज्य में 5 करोड़ 04 लाख 71 हजार 396 मतदाताओं ने अपना इम्युरेशन फॉर्म जमा किया, जबकि 41 लाख 84 हजार 819 लोगों ने फॉर्म जमा नहीं किया। ECI के मुताबिक 8.75 लाख मतदाता मृत पाए गए, जबकि 29.6 लाख वोटर्स शिफ्ट या अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा लगभग 11 लाख मतदाताओं को दस्तावेज जमा करने के लिए नोटिस जारी किए जाएंगे। राजस्थान में जयपुर जिला सबसे अधिक नाम हटने वाला जिला रहा है।

गोवा में एक लाख से अधिक नाम ड्राफ्ट लिस्ट से बाहर

गोवा में SIR प्रक्रिया के बाद कुल 10 लाख 84 हजार 992 मतदाताओं ने अपना फॉर्म जमा किया। राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 11 लाख 85 हजार 34 थी, जिनमें से 1 लाख 00 हजार 042 लोगों के नाम ड्राफ्ट सूची में शामिल नहीं किए गए। आयोग ने स्पष्ट किया है कि ड्राफ्ट रोल जारी होने के बाद योग्य मतदाता 16 दिसंबर 2025 से 15 जनवरी 2026 तक दोबारा आवेदन कर सकते हैं।

लक्षद्वीप में 1429 नाम हटे

लक्षद्वीप में SIR प्रक्रिया 4 नवंबर से 11 दिसंबर तक चली। यहां कुल 57 हजार 813 मतदाता पंजीकृत थे, जिनमें से 56 हजार 384 लोगों ने फॉर्म सबमिट किया। नई ड्राफ्ट मतदाता सूची में 1429 लोगों के नाम शामिल नहीं किए गए हैं। चुनाव आयोग ने बताया कि योग्य मतदाता 15 जनवरी 2026 तक पुनः आवेदन कर सकते हैं।

आयोग का क्या कहना है

चुनाव आयोग का कहना है कि SIR का उद्देश्य किसी को मतदान के अधिकार से वंचित करना नहीं, बल्कि मतदाता सूची को शुद्ध और विश्वसनीय बनाना है। ड्राफ्ट लिस्ट जारी होने के बाद आपत्तियों और दावों की प्रक्रिया शुरू होगी, ताकि कोई भी योग्य नागरिक मतदान के अधिकार से वंचित न रह जाए।

राजनीतिक दृष्टि से यह प्रक्रिया बेहद अहम मानी जा रही है, खासकर उन राज्यों में जहां आने वाले समय में विधानसभा या अन्य चुनाव प्रस्तावित हैं। अब निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि अंतिम मतदाता सूची में कितने नाम दोबारा जोड़े जाते हैं और इसका राजनीतिक असर क्या पड़ता है।

Team The Loktantra

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