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Superfood chutney: स्वाद ही नहीं, आयुर्वेद और विज्ञान का अद्भुत संगम; सर्दियों में बढ़ाती है रोग प्रतिरोधक क्षमता

The loktnatra

द लोकतंत्र : भारतीय खान-पान में ‘चटनी’ का स्थान सदा से अपरिहार्य रहा है। दाल-चावल, पराठा अथवा पारंपरिक स्नैक्स के साथ परोसी जाने वाली चटनी को अक्सर केवल जायका बढ़ाने वाला पूरक माना जाता है, किंतु आयुर्वेद और आधुनिक पोषण विज्ञान इसे एक शक्तिशाली ‘सुपरफूड’ के रूप में परिभाषित करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि चटनी में प्रयुक्त होने वाली सामग्रियां जैसे अदरक, जीरा, धनिया और लहसुन, पाचन प्रक्रिया को सुदृढ़ करने के साथ-साथ शरीर की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) को भी विकसित करती हैं।

पोषक तत्वों का अवशोषण

चटनी में विद्यमान घटक भोजन के जटिल अणुओं को तोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नींबू, अमचूर अथवा दही जैसे अम्लीय पदार्थ लार ग्रंथियों को सक्रिय करते हैं, जिससे भोजन का पाचन सुगम हो जाता है। जीरा और अदरक का मिश्रण गैस, अपच और कब्ज जैसी आम समस्याओं से निजात दिलाने में औषधि की भांति कार्य करता है।

ऋतु चर्या के अनुरूप चयन

भारतीय संस्कृति में चटनी का सेवन ऋतुओं के परिवर्तन के अनुसार निर्धारित किया गया है:

  • ग्रीष्म ऋतु: पुदीना और खीरे की चटनी शरीर के तापमान को नियंत्रित करती है और डिहाइड्रेशन से रक्षा करती है।
  • वर्षा ऋतु: धनिया-पुदीना और तुलसी युक्त चटनियां मौसमी संक्रमण और बैक्टीरिया से लड़ने में सक्षम होती हैं।
  • शीत ऋतु: सर्दियों में लहसुन, अदरक और हरी मिर्च की चटनी शरीर को आंतरिक ऊष्मा प्रदान करती है। लहसुन में मौजूद ‘एलिसिन’ नामक तत्व कोलेस्ट्रॉल नियंत्रण और हृदय स्वास्थ्य के लिए वरदान माना जाता है।

इम्यूनिटी का सुरक्षा कवच

आधुनिक अध्ययन बताते हैं कि ताजी चटनी विटामिन-सी और एंटी-ऑक्सीडेंट्स का उत्कृष्ट स्रोत है। नींबू और आंवले की चटनी सर्दियों में होने वाले खांसी-जुकाम और वायरल बुखार से शरीर को सुरक्षित रखती है। कच्ची सामग्रियों का उपयोग होने के कारण इसके पोषक तत्व पकाने की प्रक्रिया में नष्ट नहीं होते, जो इसे सब्जियों की तुलना में अधिक प्रभावी बनाता है।

भविष्य का आहार दृष्टिकोण

आज के दौर में जहाँ प्रोसेस्ड सॉस और केचप का चलन बढ़ा है, वहाँ ताजी सिलबट्टे पर पिसी चटनी को पुनः मुख्य धारा में लाने की आवश्यकता है। यह न केवल व्यंजनों को षडरस (छह स्वाद) प्रदान करती है, बल्कि भोजन के पोषक तत्वों को शरीर में अवशोषित करने की दर को भी बढ़ाती है।

निष्कर्षतः, चटनी महज एक सह-व्यंजन नहीं, बल्कि एक चिकित्सीय आहार है। सर्दियों की धूप में परोसी गई लहसुन-अदरक की तीखी चटनी आपकी सेहत के लिए किसी अमृत से कम नहीं है।

Uma Pathak

Uma Pathak

About Author

उमा पाठक ने महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ से मास कम्युनिकेशन में स्नातक और बीएचयू से हिन्दी पत्रकारिता में परास्नातक किया है। पाँच वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाली उमा ने कई प्रतिष्ठित मीडिया संस्थानों में अपनी सेवाएँ दी हैं। उमा पत्रकारिता में गहराई और निष्पक्षता के लिए जानी जाती हैं।

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