द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : संसद के भीतर और बाहर अक्सर आमने-सामने रहने वाले सत्ता और विपक्ष के बीच उस वक्त सियासी हलकों में हलचल मच गई, जब केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को सार्वजनिक रूप से ‘धन्यवाद’ कह दिया। यह आभार किसी निजी मुलाकात में नहीं, बल्कि सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए जताया गया, जिसने राजनीतिक बहस को नया मोड़ दे दिया।
दरअसल, अश्विनी वैष्णव ने राहुल गांधी की एक पोस्ट का स्क्रीनशॉट साझा करते हुए लिखा, धन्यवाद राहुल गांधी, श्री नरेंद्र मोदी जी के मेक इन इंडिया प्रोग्राम की सफलता को स्वीकार करने के लिए। जैसा कि आपने कहा है, हम अपने प्रधानमंत्री के विजन को लागू करके एक प्रोड्यूसर इकोनॉमी बन रहे हैं। यह बयान इसलिए अहम माना जा रहा है, क्योंकि आमतौर पर राहुल गांधी केंद्र सरकार की नीतियों, खासकर रोजगार और अर्थव्यवस्था के मुद्दे पर तीखे सवाल उठाते रहे हैं।
राहुल गांधी ने पोस्ट में क्या कहा था?
राहुल गांधी ने यह पोस्ट कर्नाटक के एक मैन्युफैक्चरिंग उदाहरण को सामने रखते हुए साझा की थी। हालांकि पोस्ट की शुरुआत उन्होंने भारत में बढ़ रही नौकरियों और औद्योगिक विकास की बात से की। राहुल गांधी ने लिखा कि सिर्फ 8–9 महीनों में 30 हजार स्टाफ को नौकरी दी गई। यह भारत में अब तक का सबसे तेज फैक्ट्री रैंप-अप है। यह सिर्फ एक आंकड़ा नहीं है, बल्कि बदलाव लाने वाला रोजगार निर्माण है।
यही वह पंक्तियां हैं, जिन्हें केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मेक इन इंडिया और मोदी सरकार की औद्योगिक नीति की पुष्टि के रूप में देखा और उसी आधार पर राहुल गांधी का आभार जता दिया।
महिलाओं के रोजगार पर राहुल गांधी का जोर
नेता प्रतिपक्ष ने अपनी पोस्ट में आगे लिखा कि इस यूनिट में करीब 80 प्रतिशत महिलाएं कार्यरत हैं, जिनमें से अधिकांश की उम्र 19 से 24 वर्ष के बीच है। कई महिलाओं के लिए यह उनकी पहली नौकरी है। राहुल गांधी ने इसे सामाजिक बदलाव से जोड़ते हुए कहा कि कर्नाटक ने ऐसा इकोसिस्टम तैयार किया है, जहां मैन्युफैक्चरिंग इस पैमाने और गति से बढ़ सकती है। उन्होंने लिखा, यही वह भारत है, जिसे हमें बनाना है सम्मान के साथ नौकरियां और सभी के लिए अवसर।
हालाँकि राहुल गांधी की यह पोस्ट भले ही राज्य-विशेष के उदाहरण पर आधारित हो, लेकिन केंद्र सरकार इसे राष्ट्रीय नीतियों खासतौर पर नरेंद्र मोदी के मेक इन इंडिया अभियान की वैचारिक जीत के तौर पर पेश कर रही है। अश्विनी वैष्णव का ‘थैंक्यू’ इसी रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। एक ओर विपक्ष रोजगार के मुद्दे पर सरकार को घेरता है, तो दूसरी ओर सरकार राहुल गांधी के बयान को अपनी नीति की पुष्टि बताकर राजनीतिक बढ़त लेने की कोशिश कर रही है।

