द लोकतंत्र : ज्योतिषीय गणनाओं के अनुसार, वर्ष 2026 का प्रारंभ अत्यधिक संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण ग्रह स्थितियों के साथ होने जा रहा है। 19 जनवरी से 21 जनवरी 2026 के मध्य शनि की स्वामित्व वाली मकर राशि में एक अत्यंत दुर्लभ ‘पंचग्रही योग’ का निर्माण होगा। इस अवधि में सूर्य, मंगल, शुक्र, बुध और चंद्रमा एक ही भाव में विराजमान होंगे। यद्यपि यह युति मात्र 72 घंटों के लिए पूर्ण रूप से सक्रिय होगी, किंतु इसका प्रभाव पूरे जनवरी मास के अंत तक परिलक्षित होगा। ज्योतिषियों का मानना है कि इतने शक्तिशाली ग्रहों का एकत्रित होना जनमानस में मानसिक दबाव और निर्णय लेने में अस्थिरता पैदा कर सकता है।
जब अग्नि, वायु और जल तत्व के ग्रह पृथ्वी तत्व की राशि मकर में मिलते हैं, तो परिणाम विस्फोटक हो सकते हैं।
- सूर्य-मंगल की युति: अत्यधिक क्रोध और अहंकार को जन्म देती है।
- बुध-शुक्र का योग: बौद्धिक भ्रम पैदा कर सकता है।
- चंद्रमा की उपस्थिति: भावनात्मक अस्थिरता और अनिद्रा का कारक बनती है।
विशेषज्ञों ने तीन विशिष्ट राशियों के लिए ‘अलर्ट’ जारी किया है:
- मेष (मिथुन लग्न): कार्यक्षेत्र में अचानक उत्पन्न होने वाली बाधाएं मानसिक तनाव का कारण बनेंगी। वरिष्ठ अधिकारियों के साथ विवाद आपके करियर के लिए हानिकारक हो सकता है। निवेश के मामलों में अत्यधिक सतर्कता की आवश्यकता है।
- सिंह: यह योग आपके निजी संबंधों में दरार डाल सकता है। गलतफहमियों के कारण पार्टनर के साथ मनमुटाव होने की प्रबल आशंका है। स्वास्थ्य के प्रति लापरवाही उचित नहीं होगी।
- कुंभ: पारिवारिक मोर्चे पर कलह की स्थिति बन सकती है। संपत्ति या पैतृक विवाद पुनः सिर उठा सकते हैं। इस दौरान किसी को पैसे उधार देने से बचें, क्योंकि उसकी वापसी असंभव लगती है।
ज्योतिष विदों का सुझाव है कि इस कठिन समय में संयम ही एकमात्र उपचार है। भगवान शिव की उपासना और महामृत्युंजय मंत्र का जाप मानसिक शांति प्रदान करने में सहायक होगा। साथ ही, शनिवार को गरीबों को काली वस्तुओं का दान करने से मकर राशि के स्वामी शनि का दुष्प्रभाव कम होगा।
जनवरी 2026 का यह पंचग्रही योग धैर्य की परीक्षा लेने वाला होगा। यद्यपि यह अल्पकालिक है, किंतु इस दौरान लिए गए निर्णय दूरगामी होंगे। अतः, महत्वपूर्ण निर्णयों को फरवरी तक टालना ही श्रेयस्कर है।

