द लोकतंत्र : आज के युग में व्हाट्सएप (WhatsApp) मात्र एक मैसेंजर नहीं, अपितु हमारे महत्वपूर्ण दस्तावेजों, स्मृतियों और व्यावसायिक संवाद का एक विशाल संग्रह बन चुका है। अक्सर उपयोगकर्ता अनजाने में जरूरी चैट्स डिलीट कर देते हैं और क्लाउड बैकअप न होने की स्थिति में उन्हें स्थायी डेटा हानि का भय सताने लगता है। यद्यपि आधिकारिक तौर पर व्हाट्सएप बिना बैकअप के डेटा पुनर्प्राप्ति (Recovery) का सीधा विकल्प प्रदान नहीं करता, किंतु एंड्रॉयड स्मार्टफोन्स के ‘लोकल डेटाबेस’ का उपयोग करके इस कठिन कार्य को संभव बनाया जा सकता है।
लोकल डेटाबेस : एंड्रॉयड का इन-बिल्ट बैकअप सिस्टम
एंड्रॉयड ऑपरेटिंग सिस्टम व्हाट्सएप चैट्स का एक स्थानीय रिकॉर्ड रखता है, जो गूगल ड्राइव बैकअप से स्वतंत्र कार्य करता है।
- डेटाबेस फोल्डर: व्हाट्सएप प्रतिदिन प्रातः 02:00 बजे स्थानीय स्टोरेज में एक बैकअप फाइल बनाता है। यदि आप अपने फोन के ‘फाइल मैनेजर’ में जाकर WhatsApp फोल्डर के भीतर ‘Databases’ को चेक करेंगे, तो वहां आपको विगत सात दिनों की चैट फाइलें मिल सकती हैं।
- रिकवरी प्रक्रिया: इन फाइलों के जरिए चैट वापस पाने के लिए आपको व्हाट्सएप को अनइंस्टॉल करके पुनः इंस्टॉल करना होता है। नंबर वेरिफिकेशन के दौरान ऐप स्थानीय स्टोरेज को स्कैन करता है और इन फाइलों को डिटेक्ट करके डेटा रिस्टोर करने का विकल्प देता है।
एक्सपोर्ट चैट: संवाद बचाने का वैकल्पिक मार्ग
यदि लोकल फाइलें भी उपलब्ध न हों, तो ‘एक्सपोर्ट चैट’ फीचर एक प्रभावशाली उपाय सिद्ध होता है।
- आप सामने वाले व्यक्ति से अनुरोध कर सकते हैं कि वे संबंधित चैट को एक्सपोर्ट करके आपको भेजें।
- यह चैट पूरी तरह से व्हाट्सएप इंटरफेस में रिस्टोर नहीं होगी, लेकिन मैसेजेस, समय और तारीख का पूरा ब्यौरा एक टेक्स्ट फाइल के रूप में सुरक्षित हो जाएगा।
डेटा लॉस से बचने के लिए विशेषज्ञ परामर्श
तकनीकी विशेषज्ञों का कहना है कि रिकवरी की सफलता दर पूर्णतः डेटा ओवरराइट होने की स्थिति पर निर्भर करती है। भविष्य में ऐसी परेशानी से बचने के लिए व्हाट्सएप सेटिंग्स में जाकर ‘डेली बैकअप’ विकल्प को सक्रिय करना अनिवार्य है। साथ ही, ‘एंड-टू-एंड एनक्रिप्टेड बैकअप’ का उपयोग करके आप क्लाउड पर भी अपने डेटा को पूरी तरह सुरक्षित रख सकते हैं।
व्हाट्सएप चैट का डिलीट होना मानसिक तनाव पैदा कर सकता है, किंतु धैर्य और सही तकनीकी जानकारी के साथ इसे पुनः प्राप्त किया जा सकता है। लोकल डेटाबेस विधि उन उपयोगकर्ताओं के लिए एक वरदान है जिन्होंने क्लाउड स्टोरेज का उपयोग नहीं किया है।

