द लोकतंत्र : समकालीन जीवनशैली में स्वास्थ्य के प्रति बढ़ती जागरूकता के बीच ‘बासी मुंह गर्म पानी’ पीने का चलन एक वैश्विक अनुष्ठान बन चुका है। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर से लेकर योग गुरुओं तक, हर कोई इसे शरीर को डिटॉक्स करने और वजन घटाने का रामबाण इलाज बताता है। किंतु, चिकित्सा जगत इसे लेकर एक संतुलित दृष्टिकोण अपनाने का परामर्श देता है। विशेषज्ञों का तर्क है कि जल सेवन निश्चित रूप से लाभकारी है, परंतु तापमान और शारीरिक प्रकृति (Prakriti) के अनुसार इसके परिणाम भिन्न हो सकते हैं।
रात्रि विश्राम के पश्चात शरीर की स्थिति
रात भर की नींद के दौरान मानव शरीर कई महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं से गुजरता है।
- डिहाइड्रेशन: सोते समय हम लगभग 7-8 घंटे तक जल ग्रहण नहीं करते, जिससे उठते ही कोशिकाओं को हाइड्रेशन की तत्काल आवश्यकता होती है।
- स्लगीश डाइजेस्टिव मोड: सुबह के समय हमारा पाचन तंत्र सुप्त अवस्था में होता है। होलिस्टिक डाइटिशियन डॉक्टर गीतिका चोपड़ा के अनुसार, गुनगुना पानी ‘पेरिस्टालसिस’ (आंतों की गति) को सक्रिय करता है, जिससे मल त्याग में सुगमता होती है।
मिथक बनाम तथ्य: क्या वाकई फैट बर्न होता है?
समाज में व्याप्त एक बड़ी गलतफहमी यह है कि गर्म पानी पीने से सीधे तौर पर वसा (Fat) पिघलती है।
- बाइल फ्लो का उत्तेजन: गुनगुना पानी पित्त (Bile) के प्रवाह को सुचारू बनाता है, जो वसा के पाचन में सहायता करता है, न कि फैट को खत्म करता है।
- तापमान का महत्व: पानी अत्यधिक गर्म नहीं होना चाहिए। ज्यादा गर्म पानी गले के नाजुक ऊतकों (Tissues) को नुकसान पहुंचा सकता है और एसिडिटी को बढ़ावा दे सकता है।
सावधानियां: किन्हें बचना चाहिए?
यद्यपि यह एक स्वस्थ आदत है, किंतु निम्न स्थितियों में सतर्कता अनिवार्य है:
- हाइपर-एसिडिटी: जिन लोगों को गंभीर एसिडिटी या अल्सर की समस्या है, उन्हें अत्यधिक गर्म पानी से पेट में असहजता हो सकती है।
- मुंह का सूखापन: कुछ मामलों में गर्म पानी लार (Saliva) के संतुलन को प्रभावित करता है।
संतुलन ही कुंजी है
डॉ. गीतिका चोपड़ा स्पष्ट करती हैं कि सर्दियों के मौसम में यह आदत पाचन तंत्र के लिए वरदान सिद्ध होती है। बासी मुंह पानी पीना मुंह के स्वस्थ बैक्टीरिया को पेट में ले जाता है, जो गट फ्लोरा के लिए अच्छा माना जाता है।
निष्कर्षतः, यदि आप स्वस्थ हैं, तो सुबह 1-2 गिलास गुनगुना पानी बिना किसी संकोच के पी सकते हैं। यह शरीर को प्राकृतिक रूप से जागृत करने का एक सौम्य तरीका है।

