द लोकतंत्र : सनातन हिंदू संस्कृति में तुलसी को मात्र एक वनस्पति नहीं, अपितु साक्षात देवी लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। प्रत्येक हिंदू परिवार के आंगन में तुलसी की उपस्थिति न केवल वास्तु दोषों का निवारण करती है, बल्कि भगवान विष्णु की कृपा का भी मार्ग प्रशस्त करती है। अक्सर श्रद्धालुओं के मध्य यह जिज्ञासा रहती है कि तुलसी का रोपण स्त्री द्वारा किया जाना अधिक श्रेयस्कर है या पुरुष द्वारा। धार्मिक विद्वानों और ज्योतिषविदों के अनुसार, इस पवित्र कार्य में लिंग से अधिक महत्व पवित्रता और श्रद्धा का होता है।
किसे मिलता है रोपण का अधिकार?
भारतीय परंपरा में महिलाओं को ‘घर की लक्ष्मी’ के रूप में प्रतिष्ठित किया गया है, इसलिए तुलसी पूजन की प्रमुख जिम्मेदारी उन्हें सौंपी गई है।
- परंपरागत रूप से विवाहित स्त्रियों द्वारा तुलसी लगाना अत्यंत शुभ माना गया है। ऐसी मान्यता है कि इससे न केवल घर में शांति स्थापित होती है, अपितु स्त्री के सौभाग्य और अखंड सुहाग में भी वृद्धि होती है।
- शास्त्रों में पुरुषों द्वारा तुलसी रोपण पर कोई प्रतिबंध नहीं लगाया गया है। विशेष परिस्थितियों में, जैसे महिला की अस्वस्थता या मासिक धर्म के समय, पुरुष पवित्र स्नान के पश्चात पूर्ण निष्ठा के साथ तुलसी का पौधा लगा सकते हैं। तुलसी की सेवा में भाव को सर्वोपरि रखा गया है।
शुभ दिन और समय का चयन
तुलसी का पौधा लगाने के लिए काल शुद्धि पर विशेष ध्यान देना चाहिए।
- गुरुवार और शुक्रवार को तुलसी रोपण के लिए सर्वाधिक उत्तम माना जाता है। गुरुवार भगवान विष्णु को समर्पित है, जबकि शुक्रवार माता लक्ष्मी का प्रिय दिन है।
- कार्तिक मास तुलसी पूजन के लिए दिव्य माना गया है। इसके अतिरिक्त, शुक्ल पक्ष में पौधा लगाना सकारात्मक ऊर्जा के प्रवाह में सहायक होता है।
- सूर्योदय के समय या प्रातःकाल में तुलसी का रोपण करने से वातावरण की पवित्रता बनी रहती है।
पौधा लगाते समय बरतें सावधानी
- तुलसी के पौधे को लगाते समय केवल पवित्र मिट्टी का ही प्रयोग करना चाहिए। वास्तु शास्त्र के अनुसार, तुलसी के लिए घर का ईशान कोण (उत्तर-पूर्व) या पूर्व दिशा सबसे उपयुक्त है। ध्यान रहे कि पौधा लगाने के स्थान के आस-पास गंदगी न हो और न ही कांटेदार वृक्ष होें।
धार्मिक दृष्टिकोण से तुलसी का रोपण न केवल व्यक्तिगत पुण्य में वृद्धि करता है, अपितु यह संपूर्ण कुटुंब के कल्याण का कारण बनता है। चाहे स्त्री हो या पुरुष, जो भी शुद्ध मन से तुलसी की सेवा करता है, उसके जीवन से अंधकार दूर होता है और समृद्धि का वास होता है।

