द लोकतंत्र : वैश्विक तकनीकी परिदृश्य में जब भी सफलता की चर्चा होती है, तो अक्सर सुंदर पिचाई और सत्या नडेला के नाम प्रमुखता से लिए जाते हैं। किंतु, हुरुन इंडिया रिच लिस्ट 2025 ने एक ऐसे तथ्य को उजागर किया है जिसने कॉर्पोरेट जगत को चौंका दिया है। अरिस्टा नेटवर्क्स (Arista Networks) की सीईओ जयश्री उल्लाल ₹50,170 करोड़ की विशाल नेट वर्थ के साथ सबसे अमीर भारतीय प्रोफेशनल मैनेजर बनकर उभरी हैं। उनकी यह संपत्ति गूगल और माइक्रोसॉफ्ट के सीईओ की सामूहिक दौलत से भी कई गुना अधिक है, जो उनकी रणनीतिक कुशलता और इक्विटी आधारित धन सृजन का प्रमाण है।
अरिस्टा नेटवर्क्स: क्लाउड तकनीक में वैश्विक वर्चस्व
जयश्री उल्लाल के नेतृत्व में अरिस्टा नेटवर्क्स ने नेटवर्किंग हार्डवेयर के क्षेत्र में क्रांति ला दी है।
- वर्ष 2024 में कंपनी का राजस्व (Revenue) लगभग $7 बिलियन दर्ज किया गया, जो वार्षिक आधार पर 20% की वृद्धि दर्शाता है।
- उल्लाल की दौलत का मुख्य स्रोत कंपनी में उनकी लगभग 3% की हिस्सेदारी है। जैसे-जैसे अरिस्टा के शेयरों में उछाल आया, उनकी व्यक्तिगत संपत्ति में भी घातांकी (Exponential) वृद्धि हुई।
दिल्ली से सिलिकॉन वैली तक
जयश्री की जड़ें भारतीय संस्कारों और वैश्विक शिक्षा के अद्भुत मिश्रण से बनी हैं।
- लंदन में जन्मी जयश्री ने अपनी स्कूली शिक्षा नई दिल्ली में पूरी की, जिसने उन्हें एक दृढ़ आधार प्रदान किया।
- अमेरिका में इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग और इंजीनियरिंग मैनेजमेंट में उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद, उन्होंने सिस्को सिस्टम्स (Cisco) में 15 साल बिताए। वहां उन्होंने कैटालिस्ट स्विचिंग बिजनेस को $5 बिलियन के साम्राज्य में बदलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
प्रोफेशनल मैनेजर्स की दौलत
- हुरुन इंडिया की रिपोर्ट अनुसार, उल्लाल ने सफलता की परिभाषा बदल दी है। जहाँ सत्या नडेला की संपत्ति ₹9,770 करोड़ और सुंदर पिचाई की दौलत ₹5,810 करोड़ आंकी गई है, वहीं जयश्री उल्लाल उनसे लगभग 5 से 10 गुना आगे निकल गई हैं। यह तथ्य स्पष्ट करता है कि केवल वेतन नहीं, बल्कि सही समय पर सही कंपनी में नेतृत्व और इक्विटी हिस्सेदारी धन संचय का असली मंत्र है।
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि जयश्री उल्लाल का नाम अब केवल तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं है, बल्कि वे वैश्विक व्यावसायिक रणनीति की प्रतीक बन चुकी हैं। फॉर्च्यून और बैरन जैसी प्रतिष्ठित पत्रिकाओं ने उन्हें विश्व के सबसे प्रभावशाली नेताओं में गिना है। आने वाले वर्षों में, जब डेटा सेंटर्स और क्लाउड कंप्यूटिंग एआई (AI) के युग में और विस्तार करेंगे, तो जयश्री के नेतृत्व वाली कंपनी का प्रभाव और भी गहरा होने की संभावना है।
जयश्री उल्लाल की सफलता की कहानी न केवल महिलाओं के लिए प्रेरणा है, बल्कि यह हर उस प्रोफेशनल मैनेजर के लिए एक केस स्टडी है जो सपनों को यथार्थ में बदलने का साहस रखता है। भारत से निकलकर सिलिकॉन वैली में स्वयं का परचम लहराना एक असाधारण उपलब्धि है।

