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दिग्विजय सिंह ने शेयर की पीएम मोदी की पुरानी फोटो, आडवाणी के चरणों में बैठे दिखे मोदी

Digvijay Singh shared an old photo of PM Modi, in which Modi is seen sitting at Advani's feet.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद दिग्विजय सिंह ने मंगलवार को एक पुरानी तस्वीर शेयर कर बड़ा सियासी विवाद खड़ा कर दिया है। तस्वीर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी युवा अवस्था में पूर्व उपप्रधानमंत्री लालकृष्ण आडवाणी के पास जमीन पर बैठे नजर आते हैं, जिसे दिग्विजय सिंह ने RSS और बीजेपी की संगठनात्मक कार्यप्रणाली का उदाहरण बताते हुए पोस्ट किया। क्वोरा से ली गई इस तस्वीर पर कांग्रेस नेता ने लिखा, RSS में जमीनी स्तर से नेता आगे बढ़कर मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री बनते हैं। यह इस संगठन की ताकत है। जय सियाराम।

https://twitter.com/digvijaya_28/status/2004769895092027472

पुरानी तस्वीर ने गरमाया सियासी माहौल

वायरल तस्वीर 1990 के दशक की बताई जा रही है। कई रिपोर्ट्स का दावा है कि यह फोटो 1996 में शंकरसिंह वाघेला के शपथ ग्रहण समारोह की है, जहां बीजेपी के शीर्ष नेता और कार्यकर्ता मौजूद थे। तस्वीर में मोदी को जमीन पर बैठे देख दिग्विजय ने तंज कसते हुए इसे बीजेपी के अनुशासन मॉडल से जोड़ा और कहा कि संगठन में जमीनी कार्यकर्ता भी आगे बढ़कर शीर्ष पद प्राप्त कर सकते हैं। उनका पोस्ट देखते ही सोशल मीडिया पर बहस तेज हुई और भाजपा नेताओं की प्रतिक्रिया सामने आने लगी।

BJP का पलटवार, कहा – कांग्रेस का ‘तानाशाही सच’ उजागर

दिग्विजय के पोस्ट पर बीजेपी ने कांग्रेस पर हमला बोल दिया। पार्टी प्रवक्ता सीआर केशवन ने राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए पूछा, क्या राहुल गांधी इस ‘सत्य बम’ पर प्रतिक्रिया देंगे, जिसने दिखा दिया कि कांग्रेस का नेतृत्व कैसे तानाशाही और परिवारवाद में बंधा हुआ है? बीजेपी नेताओं का कहना है कि दिग्विजय की टिप्पणी अप्रत्यक्ष रूप से यह स्वीकार करती है कि RSS और भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से कार्यकर्ताओं को आगे बढ़ने का मौका देती हैं, जबकि कांग्रेस में नेतृत्व एक परिवार तक सीमित रहता है।

राज्यसभा कार्यकाल खत्म होने को, दिग्विजय के भविष्य पर भी सवाल

सियासी विवाद ऐसे समय में सामने आया है जब दिग्विजय सिंह का दूसरा राज्यसभा कार्यकाल 2026 की शुरुआत में समाप्त होने वाला है। मध्य प्रदेश कांग्रेस में कई नाम अगली उम्मीदवार सूची में आगे बताए जा रहे हैं। कमलनाथ, मीनाक्षी नटराजन, जीतू पटवारी और उमंग सिंगार प्रमुख दावेदार माने जा रहे हैं। पार्टी के अंदरूनी समीकरणों के बीच दिग्विजय की संभावनाएं कमजोर कही जा रही हैं। ऐसे में उनका यह बयान राजनीतिक रूप से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है।

कुल मिलाकर, एक पुरानी ब्लैक-एंड-व्हाइट तस्वीर ने कांग्रेस-बजेपी के बीच नया शब्दयुद्ध छेड़ दिया है। जहां दिग्विजय ने इसे संगठनात्मक संस्कृति बताकर पोस्ट किया, वहीं भाजपा ने इसे कांग्रेस के ‘परिवारवाद मॉडल’ का आईना बताते हुए पलटवार किया। विवाद बढ़ रहा है और अब नजरें राहुल गांधी व कांग्रेस की आधिकारिक प्रतिक्रिया पर टिकी हैं।

Team The Loktantra

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