द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : देश आज उद्योग जगत की प्रतिष्ठित शख्सियत रतन टाटा की 88वीं जन्म जयंती (Ratan Tata Birth Anniversary) पर उन्हें श्रद्धापूर्वक स्मरण कर रहा है। मुंबई स्थित बॉम्बे हाउस में टाटा समूह के चेयरमैन एन. चंद्रशेखरन ने रतन टाटा की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित कर उन्हें नमन किया, वहीं सोशल मीडिया पर देशभर से लाखों लोगों ने उनके योगदान, विनम्रता और दूरदर्शिता को याद किया।
टाटा ट्रस्ट्स ने एक्स (X) पर पोस्ट कर लिखा कि रतन टाटा ने परोपकार को सिर्फ दान का माध्यम नहीं, बल्कि परिणाम-आधारित सामाजिक परिवर्तन की रणनीति के रूप में परिवर्तित किया। स्वास्थ्य, शिक्षा, महिला सशक्तिकरण, ग्रामीण विकास और आजीविका सुधार में उनकी सोच ने राष्ट्र निर्माण में गहरा प्रभाव डाला।
गृह मंत्री अमित शाह सहित तमाम नेताओं ने किया याद
रतन टाटा की जयंती पर राजनीतिक और व्यावसायिक जगत से भी भावुक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं। गृह मंत्री अमित शाह ने उन्हें श्रद्धांजलि देते हुए लिखा कि रतन टाटा ने भारतीय उद्योग को ईमानदारी और करुणा के साथ नई ऊंचाइयों पर पहुंचाया, और उनकी विरासत आत्मनिर्भर भारत का प्रेरक आदर्श है।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, धर्मेंद्र प्रधान, चंद्रबाबू नायडू, पीयूष गोयल और ज्योतिरादित्य सिंधिया सहित कई नेताओं ने उन्हें ‘नैतिक नेतृत्व की मिसाल’ बताते हुए सम्मान व्यक्त किया। नेताओं ने कहा कि उनका जीवन सादगी, ईमानदारी और सामाजिक जिम्मेदारी का प्रतीक है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करता रहेगा।
भारत को वैश्विक शक्ति बनाने में बड़ी भूमिका
रतन टाटा ने अपने कार्यकाल में टाटा समूह को वैश्विक पहचान दिलाने वाले कई ऐतिहासिक फैसले लिए। उनके नेतृत्व में टाटा ग्रुप ने Tetley Tea (2000), Corus Steel (2007) और Jaguar–Land Rover (2008) जैसे बड़े अंतरराष्ट्रीय अधिग्रहण किए। उन्होंने TCS को 2004 में सार्वजनिक किया और Tata Nano के माध्यम से भारत के आम परिवार के लिए कम लागत वाली कार लाने का सपना साकार किया।
इसके अलावा Tata TeleServices की स्थापना तथा Air India का Tata समूह में पुनर्वापसी (2022) भी उनके विजन का परिणाम थी। सक्रिय पद छोड़ने के बाद उन्होंने Paytm, Ola Electric, Urban Company जैसे स्टार्टअप्स में निवेश कर नई पीढ़ी को अवसर दिया और उद्योग जगत में युवाओं को प्रोत्साहित करने वाली प्रेरक शख्सियत बने रहे।
सम्मान और उपलब्धियां
रतन टाटा को देश-विदेश में अनेक सम्मान प्राप्त हुए जिनमें Padma Bhushan (2000), Padma Vibhushan (2008), Honorary Knight Grand Cross (GBE – 2014), Assam Baibhav (2021) और Honorary Doctor of Science (IIT Bombay, 2008) प्रमुख हैं।
रतन टाटा एक लाइसेंस प्राप्त पायलट, सादगीपूर्ण जीवन जीने वाले और मानवता के लिए कार्य करने वाले नेता थे जिनके नाम Ratan Tata Trust और Dorabji Tata Trust, देश के सबसे बड़े परोपकारी संस्थानों में शामिल हैं। उनका निधन 9 अक्टूबर 2024 को 86 वर्ष की आयु में हुआ, लेकिन उनकी विचारधारा, कार्य शैली और मानवता का संदेश आने वाली पीढ़ियों के लिए सदैव प्रेरणा का स्रोत बने रहेंगे।

