द लोकतंत्र/ मुंबई : महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा मोड़ आया है। पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव (Pune Municipal Election) से पहले NCP (अजित पवार गुट) और NCP (शरद पवार गुट) एक बार फिर साथ आने जा रहे हैं। रविवार को पिंपरी चिंचवड़ में चुनावी रैली के दौरान उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने गठबंधन की आधिकारिक घोषणा की। उन्होंने कहा कि उम्मीदवारों की सूची फाइनल करने के दौरान दोनों गुटों में सहमति बनी और यह निर्णय लिया गया कि चुनाव साथ मिलकर लड़ा जाएगा। पवार ने इसे ‘परिवार की वापसी’ बताते हुए कहा कि यह फैसला महाराष्ट्र के विकास और राजनीतिक स्थिरता के लिए अहम है।
दोनों गुटों की विचारधारा समान, साथ आना स्वाभाविक निर्णय
अजित पवार ने यह भी स्पष्ट किया कि गठबंधन के बाद लोगों के मन में सवाल उठना स्वाभाविक है, परंतु सीट बंटवारे पर चर्चाएं हो चुकी हैं और जल्द सार्वजनिक की जाएंगी। उन्होंने कहा कि कई बार राज्य के हित में कठिन लेकिन जरूरी फैसले लेने पड़ते हैं।
इस बीच, शरद पवार गुट के प्रवक्ता अंकुश ककड़े ने भी गठबंधन की पुष्टि की और बताया कि पुणे नगर निगम सहित दोनों गुट संयुक्त रूप से चुनाव लड़ेंगे। हालांकि सीट शेयरिंग का अंतिम फॉर्मूला कांग्रेस और शिवसेना (UBT) के साथ चर्चा के बाद तय होगा। ककड़े ने कहा कि दोनों गुटों की विचारधारा समान है इसलिए साथ आना स्वाभाविक निर्णय है।
बीजेपी ने भी तय किया सीट शेयरिंग फार्मूला
दूसरी ओर, बीजेपी भी सीट फॉर्मूला तय कर चुकी है। मुंबई बीजेपी अध्यक्ष अमीत सताम ने बताया कि महायुति गठबंधन में 207 सीटों पर सहमति बनी है। इसमें BJP 128 सीटों और शिवसेना 79 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। शेष 20 सीटों पर उम्मीदवारों की क्षमता के आधार पर निर्णय होगा। इस घोषणा के साथ यह स्पष्ट हो गया है कि महाराष्ट्र में स्थानीय निकाय चुनाव बेहद प्रतिस्पर्धी होने वाले हैं।
राज्य निर्वाचन आयोग पहले ही बता चुका है कि महाराष्ट्र में 29 नगर निगम चुनाव, जिनमें BMC, PMC और PCMC शामिल हैं, 15 जनवरी को होंगे और 16 जनवरी को मतगणना होगी। ऐसे में विपक्ष का एक होना चुनावी गणित बदल सकता है। पिंपरी-चिंचवड़ और पुणे जैसे शहरी क्षेत्रों में यह गठबंधन सत्तारूढ़ महायुति के सामने बड़ी चुनौती साबित हो सकता है। अब निगाहें सीट बंटवारे और उम्मीदवार सूची पर रहेंगी, जो चुनावी माहौल को और तेज करेगी।

