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ममता बनर्जी का बड़ा बयान: मैं तुष्टिकरण नहीं करती, सच्चे अर्थों में सेक्युलर हूं

Mamata Banerjee's big statement: I don't practice appeasement, I am truly secular.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विपक्ष द्वारा लगाए जा रहे तुष्टिकरण के आरोपों पर कड़ा जवाब दिया है। उन्होंने खुद को सच्चा धर्मनिरपेक्ष नेता बताते हुए कहा कि उनकी सरकार सभी धर्मों, समुदायों और जातियों को समान सम्मान देती है। कोलकाता में आयोजित ‘दुर्गा आंगन’ कार्यक्रम के दौरान ममता बनर्जी ने कहा कि उनकी राजनीति की मूल विचारधारा समन्वय, समानता और सबके प्रति सम्मान पर आधारित है।

ममता बनर्जी ने कहा, कई लोग कहते हैं कि मैं तुष्टीकरण करती हूं, लेकिन मैं सेक्युलर हूं और सभी धर्मों में विश्वास करती हूं। मुझे बंगाल से प्यार है, मुझे भारत से प्यार है। हम सभी जातियों और धर्मों से प्रेम करते हैं। हर व्यक्ति को लोकतांत्रिक अधिकार है और धर्म व्यक्तिगत पसंद है, लेकिन त्यौहार सबके लिए हैं। उन्होंने आगे कहा कि वह हर धर्म से जुड़े आयोजनों में शामिल होती हैं। जब मैं गुरुद्वारे जाती हूं तो कोई आपत्ति नहीं, लेकिन ईद कार्यक्रम में जाने पर कुछ लोगों को परेशानी होने लगती है।

दुर्गा आंगन परियोजना का शिलान्यास, रोजगार और सांस्कृतिक पहचान पर जोर

मुख्यमंत्री ने सोमवार को दुर्गा आंगन की आधारशिला भी रखी। उन्होंने बताया कि यह परियोजना बंगाल की सांस्कृतिक पहचान को मजबूत करने के साथ-साथ आर्थिक अवसरों में भी बढ़ोतरी करेगी। ममता बनर्जी ने कहा, आज का दिन ऐतिहासिक है। दुर्गा आंगन के लिए टेंडर प्रक्रिया पूरी हो चुकी है। काम जल्द शुरू होगा।

इस परियोजना के लिए राज्य सरकार ने एक ट्रस्ट का गठन किया है। ममता ने भरोसा दिलाया कि निर्माण पूरा होने के बाद स्थानीय लोगों को रोजगार मिलेगा और यह स्थल पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों का बड़ा केंद्र बनेगा। उन्होंने कार्यक्रम को बंगाल के लोगों को समर्पित बताते हुए सभी को धन्यवाद दिया जिन्होंने इसमें भाग लिया।

केंद्र सरकार पर भी साधा निशाना

कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार पर परोक्ष प्रहार भी किया। उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से गंगासागर पुल निर्माण के लिए प्रयास कर रही थीं, लेकिन अपेक्षित सहयोग न मिलने पर अब राज्य सरकार खुद इस परियोजना को आगे बढ़ाएगी। ममता ने घोषणा की कि गंगासागर पुल की नींव 5 जनवरी को रखी जाएगी और दो साल के भीतर इसे जनता के लिए खोला जाएगा। इसके अलावा उन्होंने बताया कि सिलीगुड़ी में महाकाल मंदिर की आधारशिला जनवरी के दूसरे सप्ताह में रखी जाएगी।

SIR प्रक्रिया को लेकर सवाल, 50 से अधिक मौतों पर चिंता व्यक्त

ममता बनर्जी ने एसआईआर (SIR) प्रक्रिया को लेकर भी गंभीर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि इस प्रक्रिया में पिछले एक महीने में 50 से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि बेवजह लोगों को परेशान किया जा रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा, लोगों के अधिकारों की रक्षा के लिए लगातार संघर्ष करती रहूंगी। जरूरत पड़ी तो इसके लिए जान भी देने को तैयार हूं।

ममता बनर्जी का यह बयान राजनीतिक गलियारों में नए सिरे से चर्चा का कारण बन गया है। एक तरफ उन्होंने धर्मनिरपेक्षता पर अपना रुख स्पष्ट किया, वहीं दूसरी ओर विकास परियोजनाओं और प्रशासनिक मुद्दों पर भी अपना विज़न पेश किया। आगामी राजनीतिक समीकरणों पर इस भाषण का असर देखना दिलचस्प होगा।

Team The Loktantra

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