द लोकतंत्र : देश की आर्थिक राजधानी में सोमवार की रात एक भीषण हादसे में परिवर्तित हो गई, जब भांडुप पश्चिम स्टेशन रोड पर एक BEST बस ने नियंत्रण खोकर राहगीरों को रौंद दिया। हादसे में 4 लोगों की असामयिक मृत्यु हो गई है, जबकि 10 अन्य गंभीर रूप से घायल हैं। यह घटना उस समय हुई जब बस चालक वाहन को रिवर्स (Reverse) ले रहा था। स्टेशन परिसर में काम से घर लौट रहे सैकड़ों लोगों की भीड़ के बीच हुई इस दुखद घटना ने मुंबई की लाइफलाइन कही जाने वाली BEST बसों की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं।
लापरवाही या तकनीकी विफलता?
रात लगभग 10:05 बजे जब भांडुप पश्चिम स्टेशन के समीप सामान्य हलचल थी, तभी रिवर्स लेती हुई बस ने पीछे खड़े यात्रियों को अपनी चपेट में ले लिया।
- रेस्क्यू ऑपरेशन: सूचना मिलते ही मुंबई अग्निशमन दल, पुलिस और 108 एंबुलेंस मौके पर पहुंची। हादसे के बाद मची अफरा-तफरी को नियंत्रित करने के लिए पुलिस को अत्यधिक बल प्रयोग करना पड़ा।
- अस्पताल की स्थिति: मृतकों एवं घायलों को राजावाड़ी और एम.टी. अग्रवाल अस्पताल ले जाया गया। राजावाड़ी अस्पताल में एक 31 वर्षीय अज्ञात महिला को मृत घोषित किया गया, वहीं एम.टी. अग्रवाल अस्पताल में तीन अन्य व्यक्तियों ने दम तोड़ दिया। घायलों में प्रशांत लाड (51) की हालत अत्यधिक चिंताजनक बनी हुई है।
दिसंबर का खूनी पैटर्न
हैरानी की बात यह है कि ठीक एक वर्ष पूर्व, दिसंबर 2024 में, कुर्ला में भी इसी तरह का BEST बस हादसा हुआ था।
- कुर्ला हादसा (2024): वहाँ ब्रेक फेल होने के बाद चालक ने भयभीत होकर ब्रेक के बजाय एक्सेलरेटर दबा दिया था, जिससे 30 लोग चपेट में आए थे। 2. भांडुप हादसा (2025): मौजूदा घटना रिवर्स ड्राइविंग के दौरान हुई है, जो चालक के प्रशिक्षण और बस के रियर-व्यू सेंसर/कैमरा प्रणाली की अनुपस्थिति की ओर इशारा करती है।
मुंबई के भीड़भाड़ वाले स्टेशन परिसरों में भारी वाहनों के परिचालन के लिए कड़े मानक होने चाहिए। विशेषज्ञों के अनुसार, बसों में ऑटोमैटिक ब्रेकिंग सिस्टम और रिवर्स पार्किंग सेंसर अनिवार्य किए जाने चाहिए ताकि मानवीय भूल की गुंजाइश न्यूनतम हो। इस हादसे के बाद नागरिकों में भारी रोष है। आगामी समय में BEST प्रशासन पर ड्राइवरों के कठोर मनोवैज्ञानिक परीक्षण और वाहनों के नियमित मेंटेनेंस को लेकर दबाव बढ़ेगा। यदि प्रशासन तत्काल सुधारात्मक कदम नहीं उठाता, तो सार्वजनिक परिवहन पर जनता का विश्वास डगमगा सकता है।
भांडुप का यह हादसा मात्र एक दुर्घटना नहीं, बल्कि सुरक्षा प्रोटोकॉल में एक गंभीर चूक है। मृतकों के परिजनों के लिए यह अपूरणीय क्षति है। अब देखना यह होगा कि क्या मुंबई पुलिस और परिवहन विभाग दोषी चालक और उत्तरदायी अधिकारियों पर कठोर कार्रवाई करते हैं या नहीं।

