द लोकतंत्र : भारतीय डिजिटल मानचित्रण क्षेत्र की अग्रणी कंपनी MapMyIndia ने अपने लोकप्रिय नेविगेशन ऐप ‘Mappls’ में एक क्रांतिकारी अपडेट जारी किया है। यह स्वदेशी ऐप अब महज रास्ता दिखाने तक सीमित नहीं रहा, बल्कि इसने सार्वजनिक परिवहन प्रणाली (Public Transport) को अपने प्लेटफॉर्म पर एकीकृत कर दिया है। वैश्विक दिग्गज Google Maps को कड़ी चुनौती देते हुए, मैपल्स अब उपयोगकर्ताओं को मेट्रो, नगर निगम की बसों और भारतीय रेलवे से जुड़ी रियल-टाइम जानकारी प्रदान करेगा। यह कदम न केवल यात्रियों की सुविधा बढ़ाएगा, बल्कि स्मार्ट सिटी विजन को भी मजबूती प्रदान करेगा।
मल्टी-मोडल ट्रैवल प्लानिंग की सुविधा
Mappls का नया अपडेट यात्रियों को उनके सफर को अधिक किफायती और समय-कुशल बनाने में मदद करता है।
- व्यापक कवरेज: यह फीचर वर्तमान में दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद और चेन्नई जैसे प्रमुख महानगरों में पूर्णतः सक्रिय हो गया है। इसके अतिरिक्त, पुणे, कोलकाता, जयपुर और अहमदाबाद जैसे नगरों में भी रूट एक्सेस करने की सुविधा रोलआउट की गई है।
- इंटरचेंज गाइडेंस: ऐप न केवल स्टेशन ढूंढने में मदद करता है, बल्कि यह भी सुझाव देता है कि न्यूनतम समय में एक परिवहन साधन से दूसरे में कैसे बदला जाए। यह फीचर मेट्रो के विभिन्न कॉरिडोर बदलने वाले यात्रियों के लिए वरदान सिद्ध होगा।
iOS बनाम Android
तकनीकी रणनीति के तहत कंपनी ने इस अपडेट को सबसे पहले iOS और वेब प्लेटफॉर्म के लिए जारी किया है। एंड्रॉयड उपयोगकर्ताओं के लिए इस फीचर के परीक्षण अंतिम चरण में हैं और जल्द ही इसे प्ले स्टोर पर भी उपलब्ध कराया जाएगा। कंपनी का लक्ष्य एक समान उपयोगकर्ता अनुभव प्रदान करना है, जो टर्न-बाय-टर्न नेविगेशन और रियल-टाइम ट्रैफिक अलर्ट के साथ निर्बाध रूप से काम कर सके।
पर्यावरणीय एवं सामाजिक प्रभाव
- MapMyIndia के अधिकारियों का मानना है कि पब्लिक ट्रांसपोर्ट के सटीक डेटा तक आसान पहुंच होने से लोग निजी वाहनों के बजाय सार्वजनिक सेवाओं को चुनने के लिए प्रेरित होंगे। यह न केवल सड़कों पर ट्रैफिक का दबाव कम करेगा, बल्कि कार्बन उत्सर्जन में कटौती करने में भी सहायक होगा। विशेषज्ञों के अनुसार, स्थानीय डेटा सटीकता के मामले में मैपल्स ने हाल के वर्षों में काफी सुधार किया है, जो इसे भारतीय सड़कों के लिए एक विश्वसनीय विकल्प बनाता है।
निष्कर्षतः, मैपल्स का यह नया अवतार ‘आत्मनिर्भर भारत’ की दिशा में एक बड़ा कदम है। जैसे-जैसे शहरी आबादी पब्लिक ट्रांसपोर्ट पर निर्भर हो रही है, इस तरह के एकीकृत टूल्स यात्री अनुभव को पूरी तरह बदलने की क्षमता रखते हैं। अब देखना यह होगा कि आगामी समय में एंड्रॉयड पर आने वाला यह अपडेट Google के एकाधिकार को कितनी कड़ी चुनौती दे पाता है।

