द लोकतंत्र : उत्तर भारत में शीत लहर के प्रकोप के साथ ही घने कोहरे ने परिवहन तंत्र की रफ्तार थाम दी है। आज 2 जनवरी 2026 को जारी एक अहम अधिसूचना में भारतीय रेलवे ने सुरक्षा कारणों और परिचालन संबंधित बाधाओं को देखते हुए जनवरी से मार्च के बीच 24 जोड़ी ट्रेनों को अस्थायी रूप से रद्द करने का निर्णय लिया है। यह फैसला मुख्यतः उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल से दिल्ली को जोड़ने वाली लंबी दूरी की गाड़ियों को प्रभावित करेगा। रेलवे प्रशासन का तर्क है कि दृश्यता (Visibility) अत्यंत कम होने के कारण हादसों की आशंका बढ़ जाती है, अतः पूर्व नियोजित तरीके से संचालन रोखना अनिवार्य है।
कैंसिल ट्रेनों का विवरण: प्रमुख रूट्स पर असर
रेलवे के विंटर शेड्यूल के तहत रद्द की गई गाड़ियों में अमृतसर, डिब्रूगढ़, कामाख्या और आनंद विहार जैसे महत्वपूर्ण स्टेशनों को जोड़ने वाली एक्सप्रेस ट्रेनें शामिल हैं।
- आनंद विहार रूट: कामाख्या-आनंद विहार (15621/22), हटिया-आनंद विहार (12873/74) और संतरागाछी-आनंद विहार एक्सप्रेस मार्च के प्रारंभिक सप्ताह तक रद्द रहेंगी।
- यूपी-बिहार संपर्क: प्रयागराज-मुजफ्फरपुर (14111/12), कामाख्या-गया (15619/20) और अंबाला-बरौनी हरिहर एक्सप्रेस (14524) जैसी प्रमुख गाड़ियों का परिचालन फरवरी के अंत तक बंद कर दिया गया है।
- लंबी दूरी की अन्य ट्रेनें: हावड़ा-देहरादून उपासना एक्सप्रेस और मालदा टाउन-नई दिल्ली एक्सप्रेस भी इस प्रतिकूल मौसम की भेंट चढ़ गई हैं।
निर्णय का तर्क: फॉग डिवाइस और यात्री सुरक्षा
पूर्व मध्य रेलवे के अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि कोहरे में ट्रेनों की औसत गति 30 से 40 किमी प्रति घंटा रह जाती है, जिससे पूरा शेड्यूल बाधित होता है।
- हालांकि इंजनों में ‘फॉग सेफ डिवाइस’ (Fog Safe Devices) लगाए गए हैं, किंतु अत्यधिक सघन कोहरे में दृश्यता शून्य होने पर यह डिवाइस केवल सहायक होता है, पूर्ण समाधान नहीं। यात्रियों की अनावश्यक भीड़ और स्टेशनों पर अव्यवस्था से बचने के लिए अस्थायी रद्दीकरण ही एकमात्र विकल्प बचा है।
निष्कर्षतः, जनवरी से मार्च तक का समय रेल यात्रियों के लिए चुनौतीपूर्ण रहने वाला है। कोहरा न केवल ट्रेनों की रफ्तार पर अंकुश लगाता है, बल्कि लाखों लोगों की यात्रा योजनाओं को भी प्रभावित करता है। रेलवे का यह कदम कठिन अवश्य है, किंतु सुरक्षित यात्रा सुनिश्चित करने की दिशा में अपहार्य है।

