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मीर यार बलोच का जयशंकर को खुला पत्र: ऑपरेशन सिंदूर की सराहना, भारत से सहयोग की अपील

Mir Yar Baloch's open letter to Jaishankar: Praising Operation Sindoor and appealing for cooperation from India.

द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : बलोच नेता मीर यार बलोच ने भारत के विदेश मंत्री एस. जयशंकर को एक खुला पत्र लिखते हुए भारत सरकार और भारतीय जनता को नववर्ष 2026 की शुभकामनाएं दी हैं। इस पत्र में उन्होंने भारत और बलूचिस्तान के ऐतिहासिक संबंधों, आतंकवाद के खिलाफ भारत की भूमिका, पाकिस्तान के कब्जे में बलूचिस्तान की स्थिति और चीन-पाकिस्तान गठजोड़ से उत्पन्न खतरों को लेकर गंभीर बातें रखी हैं। यह पत्र राजनीतिक और रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि इसमें बलूचिस्तान की ओर से भारत के प्रति खुला समर्थन और सहयोग की अपील सामने आई है।

बलोच नेता ने भारत को नववर्ष की बधाई दी

मीर यार बलोच ने अपने पत्र में रिपब्लिक ऑफ बलूचिस्तान के करीब 6 करोड़ देशभक्त नागरिकों की ओर से भारत के 140 करोड़ लोगों, संसद के दोनों सदनों, मीडिया, सिविल सोसाइटी और सभी सम्मानित नागरिकों को नए साल की हार्दिक बधाई दी। उन्होंने भारत को एक ऐतिहासिक मित्र बताते हुए कहा कि बलूच जनता भारत को केवल एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि नैतिक समर्थन और भरोसे का प्रतीक मानती है।

पत्र में भारत और बलूचिस्तान के बीच सदियों पुराने ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, व्यापारिक, कूटनीतिक और रक्षा संबंधों का विशेष उल्लेख किया गया है। मीर यार बलोच ने हिंगलाज माता मंदिर (नानी मंदिर) को दोनों के बीच साझा आध्यात्मिक और सांस्कृतिक विरासत का प्रतीक बताया और कहा कि यह संबंध आधुनिक राजनीति से कहीं पहले के हैं, जिन्हें वर्तमान समय में और मजबूत करने की आवश्यकता है।

पाक समर्थित आतंकवाद के खिलाफ की गई कार्रवाई की खुलकर सराहना

उन्होंने मोदी सरकार द्वारा ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान समर्थित आतंकवाद के खिलाफ की गई कार्रवाई की खुलकर सराहना की। मीर यार बलोच ने कहा कि पहलगाम आतंकी हमले के जवाब में पाकिस्तानी सैन्य ढांचे और आतंकी ठिकानों पर की गई कार्रवाई साहसिक, निर्णायक और न्यायसंगत थी। उनके अनुसार, इस कदम से न केवल भारत की सुरक्षा मजबूत हुई, बल्कि पूरे क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ एक सख्त संदेश भी गया।

पत्र में यह भी कहा गया कि बलूचिस्तान पिछले 79 वर्षों से पाकिस्तान के कब्जे, राज्य प्रायोजित आतंकवाद और गंभीर मानवाधिकार उल्लंघनों का शिकार रहा है। मीर यार बलोच ने लिखा कि दशकों से बलूच जनता दमन, हिंसा और अत्याचार झेल रही है, लेकिन स्वतंत्रता और संप्रभुता की उनकी आकांक्षा आज भी जीवित है। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि इस समस्या का स्थायी समाधान निकाला जाए, ताकि बलूचिस्तान को शांति और सम्मानजनक भविष्य मिल सके।

पाकिस्तान–चीन गठजोड़ पर गंभीर चेतावनी

बलोच नेता ने स्पष्ट रूप से कहा कि बलूचिस्तान की जनता भारत और उसकी सरकार के साथ मजबूती से खड़ी है। उन्होंने शांति, विकास, व्यापार, रक्षा, ऊर्जा सुरक्षा और क्षेत्रीय स्थिरता जैसे विषयों पर भारत के साथ भरोसेमंद और दीर्घकालिक साझेदारी की इच्छा जताई और कहा कि यह सहयोग दोनों पक्षों के साथ-साथ पूरे क्षेत्र के लिए लाभकारी होगा। मीर यार बलोच ने पाकिस्तान-चीन गठजोड़ को लेकर गंभीर चेतावनी भी दी। उन्होंने कहा कि चीन-पाकिस्तान इकोनॉमिक कॉरिडोर (CPEC) अब अंतिम चरण में पहुंच चुका है और यह क्षेत्रीय संतुलन के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ठोस कदम नहीं उठाए गए, तो इसके सुरक्षा और रणनीतिक परिणाम दूरगामी होंगे।

पत्र में यह आशंका भी जताई गई कि यदि बलूचिस्तान की रक्षा और स्वतंत्रता सेनाओं को अंतरराष्ट्रीय समर्थन नहीं मिला, तो आने वाले महीनों में बलूचिस्तान में चीनी सेना की तैनाती हो सकती है। मीर यार बलोच ने चेताया कि 6 करोड़ बलोच लोगों की इच्छा के बिना किसी विदेशी सैन्य मौजूदगी का मतलब भारत और बलूचिस्तान दोनों के भविष्य के लिए गंभीर खतरा होगा।

अंत में मीर यार बलोच ने कहा कि मौजूदा समय केवल बयानबाज़ी का नहीं, बल्कि ठोस, व्यावहारिक और रणनीतिक सहयोग का है। उन्होंने उम्मीद जताई कि भारत और बलूचिस्तान के बीच मजबूत और सक्रिय साझेदारी पूरे क्षेत्र में शांति, सुरक्षा और स्थिरता के लिए निर्णायक साबित होगी।

Team The Loktantra

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