द लोकतंत्र/ लखनऊ : उत्तर प्रदेश के बरेली जिले की फरीदपुर विधानसभा सीट से भारतीय जनता पार्टी (BJP) के विधायक डॉ. श्याम बिहारी लाल का शुक्रवार, 2 जनवरी 2026 को अचानक निधन हो गया। हार्ट अटैक की वजह से हुई इस दुखद घटना ने पूरे राजनीतिक, शैक्षणिक और सामाजिक जगत को गहरे शोक में डुबो दिया है। हैरानी की बात यह रही कि डॉ. श्याम बिहारी लाल ने एक दिन पहले ही अपने कार्यकर्ताओं और समर्थकों के साथ जन्मदिन मनाया था और अगले ही दिन जिंदगी ने उन्हें हमेशा के लिए अलविदा कह दिया।
बैठक के दौरान बिगड़ी तबीयत, अस्पताल में तोड़ा दम
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शुक्रवार दोपहर डॉ. श्याम बिहारी लाल बरेली स्थित सर्किट हाउस में मौजूद थे। उसी दौरान अचानक उनकी तबीयत बिगड़ गई और उन्हें सीने में तेज दर्द की शिकायत हुई। मौके पर मौजूद अधिकारियों और सहयोगियों में अफरा-तफरी मच गई। बिना समय गंवाए उन्हें तुरंत शहर के एक निजी अस्पताल मेडिसिटी ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, उन्हें गंभीर हार्ट अटैक आया था, जिससे उन्हें बचाया नहीं जा सका।
बताया जा रहा है कि जिस समय विधायक की तबीयत बिगड़ी, उस वक्त सर्किट हाउस में पशुधन मंत्री धर्मपाल सिंह की एसआईआर को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक चल रही थी। बैठक के दौरान ही डॉ. श्याम बिहारी लाल को असहनीय सीने में दर्द उठा। हालात की गंभीरता को देखते हुए तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, लेकिन तमाम कोशिशों के बावजूद उनकी जान नहीं बचाई जा सकी। इस घटना के बाद सर्किट हाउस और अस्पताल परिसर में भारी भीड़ जमा हो गई।
दो बार विधायक रहे डॉ. श्याम बिहारी लाल, सरल छवि के नेता थे
डॉ. श्याम बिहारी लाल दो बार फरीदपुर विधानसभा सीट से विधायक चुने गए थे। वे न केवल एक जनप्रिय नेता थे, बल्कि शिक्षा जगत से जुड़े होने के कारण उन्हें एक शिक्षाविद् और सौम्य व्यक्तित्व के रूप में भी जाना जाता था। उनकी छवि एक सरल, शांत और जमीन से जुड़े नेता की थी, जो आम लोगों की समस्याओं को गंभीरता से सुनते और समाधान के लिए प्रयासरत रहते थे। उनके निधन को फरीदपुर ही नहीं, बल्कि पूरे बरेली जनपद के लिए अपूरणीय क्षति माना जा रहा है।
उनके निधन की खबर मिलते ही बीजेपी नेताओं, प्रशासनिक अधिकारियों और पार्टी कार्यकर्ताओं का सर्किट हाउस और अस्पताल में जमावड़ा लग गया। पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं ने शोक व्यक्त करते हुए कहा कि डॉ. श्याम बिहारी लाल का जाना जनसेवा, राजनीति और शिक्षा जगत के लिए बड़ी क्षति है। सोशल मीडिया पर भी उनके समर्थक और आम लोग उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं और उनके सरल स्वभाव व सेवा कार्यों को याद कर रहे हैं। जन्मदिन की खुशियों के ठीक अगले दिन एक जनप्रतिनिधि का इस तरह अचानक चला जाना न सिर्फ उनके परिवार और समर्थकों के लिए, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए गहरा आघात है।

