द लोकतंत्र : सर्दियों के मौसम में शरीर को ऊर्जा और गर्माहट प्रदान करने के लिए बादाम को एक अनिवार्य खाद्य पदार्थ माना जाता है। फाइबर, मैग्नीशियम और विटामिन-ई जैसे पोषक तत्वों से भरपूर होने के कारण इसे मस्तिष्क और हड्डियों के लिए अत्यंत लाभकारी माना गया है। किंतु, चिकित्सा विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह ‘सुपरफूड’ प्रत्येक व्यक्ति के लिए अनुकूल नहीं होता। दिल्ली के जीटीबी अस्पताल की पूर्व डायटिशियन डॉ. अनामिका गौर ने विशेष संवाद में बताया कि विशिष्ट स्वास्थ्य स्थितियों में बादाम का सेवन लाभ के स्थान पर गंभीर नुकसान पहुंचा सकता है।
विशिष्ट चिकित्सा स्थितियां: सावधानी क्यों अनिवार्य है?
डॉ. अनामिका गौर ने तीन प्रमुख श्रेणियों को चिह्नित किया है जिन्हें बादाम से दूरी बनानी चाहिए:
- वृक्क (किडनी) की समस्याएं: बादाम में ऑक्सालेट (Oxalate) और फॉस्फोरस की मात्रा अत्यधिक होती है। किडनी की पथरी से जूझ रहे रोगियों के लिए यह यौगिक घातक सिद्ध होते हैं, क्योंकि ये पथरी के आकार को बढ़ाने और नई पथरी के निर्माण में सहायक होते हैं।
- पाचन तंत्र की बाधाएं: पाचन संबंधी विकारों से ग्रसित व्यक्तियों को बादाम पचाने में कठिनाई होती है। अत्यधिक फाइबर होने के कारण यह पेट फूलना (Bloating), गैस और कब्ज की समस्या को बढ़ा सकता है।
- दवाओं के साथ प्रतिक्रिया: जो लोग उच्च रक्तचाप या विशिष्ट एंटीबायोटिक्स का सेवन कर रहे हैं, उन्हें सतर्क रहना चाहिए। बादाम में मौजूद तत्व दवाओं के अवशोषण में बाधा उत्पन्न कर सकते हैं।
एलर्जी और एनाफिलेक्सिस: एक गंभीर खतरा
नट्स एलर्जी वाले व्यक्तियों के लिए बादाम का एक छोटा सा अंश भी ‘एनाफिलेक्सिस’ जैसी जानलेवा स्थिति पैदा कर सकता है।
- यदि बादाम खाने के बाद त्वचा पर चकत्ते, चेहरे पर मुंहासे, सिरदर्द या पेट में तीव्र ऐंठन महसूस हो, तो यह शरीर द्वारा दिया गया एक चेतावनी संकेत है। ऐसी स्थिति में तत्काल चिकित्सकीय परामर्श लेना अनिवार्य है।
सेवन की सही विधि: सीमित मात्रा ही कुंजी है
डॉ. अनामिका के अनुसार, स्वस्थ व्यक्तियों को भी बादाम का सेवन एक निश्चित प्रणाली के तहत करना चाहिए:
- भिगोना और छीलना: रात भर पानी में भिगोने से बादाम का फाइटिक एसिड निकल जाता है, जिससे इसका पाचन सुगम होता है। सुबह इसका छिलका उतारकर खाना ही सबसे सही तरीका है।
- मात्रा: एक स्वस्थ वयस्क के लिए प्रतिदिन 4 से 5 बादाम पर्याप्त हैं। इससे अधिक सेवन शरीर में अत्यधिक गर्मी पैदा कर सकता है।
निष्कर्षतः, बादाम निश्चित रूप से पोषक तत्वों का भंडार है, किंतु इसे ‘वन-साइज-फिट्स-ऑल’ के रूप में नहीं देखना चाहिए। अपनी शारीरिक प्रकृति और मौजूदा बीमारियों को ध्यान में रखकर ही इसका चयन करें। आगामी समय में ‘पर्सनलाइज्ड न्यूट्रिशन’ यानी व्यक्तिगत पोषण के बढ़ते महत्व के बीच ऐसी विशेषज्ञ सलाह अत्यंत प्रासंगिक है।

