द लोकतंत्र/ लखनऊ : प्रयागराज के त्रिवेणी संगम की पावन रेती पर 44 दिनों तक चलने वाले ऐतिहासिक माघ मेले का शुभारंभ शनिवार, 3 जनवरी को पौष पूर्णिमा के पावन स्नान के साथ हो गया। देश के कोने-कोने से आए लाखों श्रद्धालु तड़के सुबह से ही संगम तट पर पहुंचे और गंगा, यमुना व अदृश्य सरस्वती के संगम में आस्था की डुबकी लगाकर पुण्य लाभ अर्जित किया। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माघ मास में संगम स्नान और कल्पवास का विशेष महत्व है, इसी आस्था के चलते लाखों कल्पवासी अगले 44 दिनों तक संगम क्षेत्र में रहकर साधना, जप-तप और भक्ति में लीन रहेंगे।
सुबह 8 बजे तक 65 लाख श्रद्धालुओं ने किया संगम स्नान
माघ मेले के अवसर पर मेला अधिकारी ऋषि राज ने बताया कि श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को देखते हुए सभी तैयारियां पहले से पूरी कर ली गई थीं। उन्होंने जानकारी दी कि पौष पूर्णिमा के दिन सुबह 8 बजे तक करीब 65 लाख श्रद्धालु पवित्र स्नान कर चुके थे। संगम नोज समेत सभी प्रमुख घाटों पर श्रद्धालुओं और कल्पवासियों की लगातार आवाजाही बनी रही और पूरे क्षेत्र में “हर-हर गंगे” के जयघोष गूंजते रहे।
सुरक्षा और सुविधा के कड़े इंतजाम
श्रद्धालुओं की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए प्रशासन ने व्यापक प्रबंध किए हैं। करीब 8 किलोमीटर लंबा स्नान घाट तैयार किया गया है, जहां डीप वॉटर बैरिकेडिंग की गई है। संगम नोज पर एनडीआरएफ, जल पुलिस और पीएसी के जवानों को अलर्ट मोड पर तैनात किया गया है। पूरे मेला क्षेत्र की निगरानी के लिए 300 से अधिक एआई आधारित सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं, जबकि संगम नोज पर बने वॉच टावर से 24 घंटे निगरानी की जा रही है।
ग्राउंड जीरो पर अधिकारी, यातायात के लिए विशेष व्यवस्था
प्रशासनिक अधिकारी सुबह से ही ग्राउंड जीरो पर मौजूद रहकर व्यवस्थाओं का जायजा ले रहे हैं और श्रद्धालुओं से संवाद कर उनकी समस्याओं का तत्काल समाधान कराया जा रहा है। आवागमन को सुचारु बनाने के लिए पांटून पुल नंबर एक और महावीर मार्ग को झूंसी की ओर जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए खोला गया है, जबकि दूसरे पांटून पुल को झूंसी से मेला क्षेत्र में आने वालों के लिए आरक्षित किया गया है। इस बार कुल 9 पांटून पुलों का उपयोग किया जा रहा है।
आगामी 14 जनवरी को मकर संक्रांति और 18 जनवरी को मौनी अमावस्या का प्रमुख स्नान होगा। प्रशासन का अनुमान है कि मौनी अमावस्या के दिन 3 से 5 करोड़ श्रद्धालु संगम पहुंच सकते हैं। पूरे 44 दिवसीय माघ मेले के दौरान कुल 6 अमृत स्नान होंगे और 12 से 15 करोड़ श्रद्धालुओं के आगमन की संभावना जताई जा रही है।
मुख्यमंत्री योगी कर रहे लगातार मॉनिटरिंग
योगी आदित्यनाथ स्वयं लखनऊ से माघ मेले की लगातार मॉनिटरिंग कर रहे हैं। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की असुविधा न हो और मेला पूरी तरह सुरक्षित, सुव्यवस्थित व श्रद्धालु-अनुकूल बना रहे। प्रशासन का दावा है कि आस्था, सुरक्षा और सुविधा—तीनों का संतुलन बनाकर इस वर्ष का माघ मेला ऐतिहासिक बनाया जाएगा।

