द लोकतंत्र : वर्ष 2025 की व्यावसायिक सफलता के बाद, भारतीय फिल्म उद्योग अब 2026 को एक ऐतिहासिक मील का पत्थर बनाने की ओर अग्रसर है। इस वर्ष रिलीज होने वाली फिल्में न केवल कलात्मक दृष्टिकोण से, अपितु वित्तीय निवेश के मामले में भी हॉलीवुड को चुनौती देती नजर आएंगी। आंकड़ों पर नजर डालें तो अकेले 6 बड़ी फिल्मों पर निर्माताओं ने हजारों करोड़ का दांव लगाया है। विशेषज्ञों का मानना है कि 2026 भारतीय सिनेमा के वैश्विक बाजार में विस्तार का वर्ष होगा।
पौराणिक भव्यता बनाम आधुनिक एक्शन
2026 की फिल्मों में विविधता का अभूतपूर्व संगम देखने को मिलेगा। जहाँ एक तरफ धार्मिक आस्था से जुड़ी महागाथाएं हैं, वहीं दूसरी तरफ स्पाई यूनिवर्स का रोमांच।
- रामायण (The Magnum Opus): रणबीर कपूर अभिनीत नितेश तिवारी की ‘रामायण’ चर्चा के केंद्र में है। दो भागों में बन रही इस फिल्म का कुल बजट 4000 करोड़ रुपये है। दिवाली 2026 पर रिलीज होने वाला इसका पहला भाग तकनीकी और दृश्य भव्यता के मामले में भारतीय सिनेमा की परिभाषा बदल सकता है।
- किंग (The Return of SRK): शाहरुख खान तीन साल के लंबे इंतजार के बाद ‘किंग’ के साथ वापसी कर रहे हैं। 350 करोड़ रुपये के बजट वाली यह फिल्म इंटरनेशनल लेवल के एक्शन से लैस होगी।
स्पाई यूनिवर्स और थ्रिलर का तड़का
यशराज फिल्म्स अपनी पहली फीमेल-लीड स्पाई फिल्म ‘अल्फा’ के साथ महिला सशक्तिकरण को एक्शन के नये सांचे में ढाल रहा है।
- अल्फा: आलिया भट्ट और शरवरी वाघ स्टारर इस फिल्म पर 400 करोड़ रुपये खर्च किए गए हैं। यह स्पाई यूनिवर्स की अगली बड़ी कड़ी होगी।
- दृश्यम 3: अजय देवगन एक बार फिर विजय सलगांवकर के किरदार में दिमाग घुमा देने वाली कहानी के साथ लौटेंगे। 300 करोड़ का बजट इस फ्रेंचाइजी के विस्तार की पुष्टि करता है।
साउथ का प्रभुत्व और रणवीर का तहलका
- प्रभास की ‘स्पिरिट’ और रणवीर सिंह की ‘धुरंधर 2’ भी 300-300 करोड़ रुपये के निवेश के साथ कतार में हैं। ‘स्पिरिट’ में तृप्ति डिमरी के साथ प्रभास का नया अंदाज दर्शकों को सिनेमाघरों तक खींचने के लिए पर्याप्त है। वहीं रणवीर सिंह अपनी पिछली सफलता को दोहराने के लिए सीक्वल में अधिक भव्यता के साथ नजर आएंगे।
निष्कर्षतः, 2026 केवल फिल्मों के रिलीज का वर्ष नहीं, बल्कि एक वित्तीय जुआ भी है। यदि ये फिल्में उम्मीद पर खरी उतरती हैं, तो भारतीय सिनेमा ₹10,000 करोड़ के क्लब की ओर कदम बढ़ाएगा। रणबीर कपूर की ‘रामायण’ इस दौड़ में सबसे मजबूत दावेदार प्रतीत होती है, जो विश्व सिनेमा में भारत का परचम लहरा सकती है।

