द लोकतंत्र : मंडी से भारतीय जनता पार्टी की सांसद और राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेत्री कंगना रनौत एक बार फिर सुर्खियों में हैं। शीतकालीन सत्र के दौरान संसद में विपक्ष पर अपने तीखे हमलों के बाद, एक्ट्रेस अब वापस अपने मूल क्षेत्र—सिनेमा—की ओर लौट आई हैं। 6 जनवरी 2026 को कंगना ने सोशल मीडिया के माध्यम से पुष्टि की कि उन्होंने अपनी आगामी फिल्म ‘भारत भाग्य विधाता’ की शूटिंग प्रारंभ कर दी है। लंबे समय तक राजनीतिक व्यवस्थाओं में व्यस्त रहने के बाद सेट पर वापसी को लेकर एक्ट्रेस काफी उत्साहित नजर आ रही हैं।
फिल्म का कथानक और निर्देशन: अनकहे वीरों की गाथा
‘भारत भाग्य विधाता’ एक उच्च देशभक्ति वाली फिल्म बताई जा रही है, जिसका उद्देश्य इतिहास के उन गुमनाम नायकों को श्रद्धांजलि देना है जिन्होंने राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
- मंजो तापड़िया का विज़न: फिल्म का निर्देशन मनोज तापड़िया कर रहे हैं, जिन्होंने इससे पूर्व ‘मद्रास कैफे’ और ‘एनएच10’ जैसी सशक्त फिल्मों के लेखन व निर्देशन से अपनी अलग पहचान बनाई है। सेट से सामने आए वीडियो में कंगना और मनोज गहन चर्चा करते दिख रहे हैं, जो एक गंभीर सिनेमाई प्रोजेक्ट का संकेत देता है।
- विलंबित आरंभ: यद्यपि इस प्रोजेक्ट की घोषणा एक वर्ष पूर्व हुई थी, किंतु कंगना के राजनीतिक व्यस्तताओं और ‘इमरजेंसी’ के विवादों के कारण इसके फिल्मांकन में विलंब हुआ। यूनोइया फिल्म्स और फ्लोटिंग रॉक्स एंटरटेनमेंट के तले निर्मित होने वाली यह फिल्म अब तेजी से आगे बढ़ रही है।
पिछली असफलता और आगामी चुनौतियां: बॉक्स ऑफिस विश्लेषण
कंगना के लिए ‘भारत भाग्य विधाता’ का सफल होना अत्यंत अनिवार्य है, क्योंकि उनकी पिछली फिल्म ‘इमरजेंसी’ व्यावसायिक रूप से विफल रही थी।
- ‘इमरजेंसी’ का रिपोर्ट कार्ड: ₹60 करोड़ के बजट में बनी ‘इमरजेंसी’ भारत में मात्र ₹20 करोड़ का कलेक्शन ही कर सकी। सेंसर बोर्ड के साथ विवादों और रिलीज में देरी ने फिल्म के व्यवसाय को काफी चोट पहुंचाई।
- दोहरी जिम्मेदारी: सांसद होने के नाते कंगना पर जनता की अपेक्षाओं का भार है, वहीं एक कलाकार के रूप में उन्हें पुनः अपनी विश्वसनीयता सिद्ध करनी होगी। ‘भारत भाग्य विधाता’ के माध्यम से वे अपनी सशक्त अभिनय क्षमता के साथ वापसी करना चाहती हैं।
निष्कर्षतः, कंगना रनौत ने एक बार फिर सिद्ध किया है कि वे बहुआयामी व्यक्तित्व की धनी हैं। संसद की बहस से निकलकर सिनेमाई सेट की धूल और चकाचौंध के बीच खुद को ढालना उनकी कला के प्रति प्रतिबद्धता को दर्शाता है। अब सारा दारोमदार ‘भारत भाग्य विधाता’ की रिलीज और दर्शकों के फैसले पर टिका है।

