द लोकतंत्र/ महाराष्ट्र न्यूज़ : महाराष्ट्र में आगामी नगर निकाय चुनावों से पहले सियासी माहौल लगातार गर्म होता जा रहा है। सत्तारूढ़ महायुति गठबंधन की 68 सीटों पर निर्विरोध जीत को लेकर उठ रहे सवालों पर मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला है। उत्तर महाराष्ट्र के धुले में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए फडणवीस ने व्यंग्यात्मक लहजे में कहा कि अगर विपक्ष को इस जीत से ‘मिर्ची लगी’ है तो वह इसके लिए क्या कर सकते हैं। उन्होंने साफ कहा कि जनता का समर्थन मिला है और इसे किसी भी तरह से लोकतंत्र के खिलाफ बताना गलत है।
धुले की रैली से विपक्ष को सीधा संदेश
धुले में आयोजित रैली में मुख्यमंत्री ने कहा कि निर्विरोध जीत कोई नई बात नहीं है और यह लोकतांत्रिक प्रक्रिया का ही हिस्सा है। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष जानबूझकर इस मुद्दे को बढ़ा-चढ़ाकर पेश कर रहा है, ताकि चुनावी माहौल को प्रभावित किया जा सके। फडणवीस ने कहा कि अगर विपक्ष को जनता का समर्थन नहीं मिल रहा है तो उसकी जिम्मेदारी सत्तारूढ़ दल पर नहीं डाली जा सकती।
मुख्यमंत्री ने धुले में भारतीय जनता पार्टी के चार पार्षदों के निर्विरोध निर्वाचित होने पर मतदाताओं का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह जीत जनता के विश्वास और समर्थन का प्रतीक है, जिसे पार्टी पूरी जिम्मेदारी के साथ स्वीकार करती है और विकास कार्यों को और तेज करने का संकल्प लेती है।
कांग्रेस शासनकाल का उदाहरण देकर विपक्ष पर पलटवार
फडणवीस ने विपक्ष की आलोचना पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब कांग्रेस शासन के दौरान बड़ी संख्या में निर्विरोध चुनाव हुए थे, तब लोकतंत्र को कोई खतरा नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि अब वही प्रक्रिया अगर महायुति के पक्ष में हो रही है तो विपक्ष इसे लोकतंत्र पर हमला बता रहा है, जो दोहरे मापदंड को दर्शाता है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक 35 लोकसभा सदस्य निर्विरोध चुने गए हैं, जिनमें से 33 कांग्रेस के शासनकाल में निर्वाचित हुए थे। उन्होंने कहा कि इतिहास को नजरअंदाज कर आज लोकतंत्र की दुहाई देना राजनीतिक पाखंड है और जनता इसे अच्छी तरह समझ रही है।
धुले को बताया महाराष्ट्र का प्रवेश द्वार
फडणवीस ने धुले को महाराष्ट्र का प्रवेश द्वार बताते हुए कहा कि यह शहर एक ओर गुजरात और दूसरी ओर मध्यप्रदेश से जुड़ा हुआ है। उन्होंने दावा किया कि 2003 में नगर निगम बनने के बाद भी भाजपा के सत्ता में आने तक यहां अपेक्षित विकास नहीं हुआ, लेकिन अब स्थिति बदल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में धुले सहित पूरे उत्तर महाराष्ट्र में बुनियादी ढांचे, सड़कों और नागरिक सुविधाओं पर विशेष ध्यान दिया गया है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि नगर निकाय चुनावों के बाद विकास की रफ्तार और तेज होगी।
हाईकोर्ट पहुंचा निर्विरोध जीत का मामला
महायुति उम्मीदवारों की निर्विरोध जीत का मुद्दा अब बंबई उच्च न्यायालय तक पहुंच गया है। महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना के एक नेता ने 68 सीटों पर परिणामों की घोषणा पर रोक लगाने और कथित दबाव में कराई गई सामूहिक नाम वापसी की अदालत की निगरानी में जांच कराने की मांग की है। इससे पहले उद्धव ठाकरे ने राज्य निर्वाचन आयोग से इन 68 वार्डों के परिणाम रद्द करने का आग्रह किया था। कांग्रेस नेताओं ने भी सत्तारूढ़ गठबंधन पर लोकतंत्र को कमजोर करने का आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी है।
नगर निकाय चुनाव नजदीक आते ही महाराष्ट्र की राजनीति में टकराव और तेज हो गया है। जहां महायुति इसे जनता के भरोसे और समर्थन की जीत बता रही है, वहीं विपक्ष इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल खड़ा करने का मुद्दा बना रहा है। आने वाले दिनों में यह विवाद चुनावी राजनीति के केंद्र में बना रहने की संभावना है।

