द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार, 18 जनवरी को असम के नगांव जिले से पूर्वोत्तर भारत के विकास को नई गति देने का संदेश दिया। अपनी दो दिवसीय असम यात्रा के अंतिम चरण में प्रधानमंत्री ने यहां 6,957 करोड़ रुपये की बहुप्रतीक्षित काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर परियोजना की आधारशिला रखी। इसके साथ ही उन्होंने डिजिटल माध्यम से दो अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेन्स डिब्रूगढ़-गोमती नगर (लखनऊ) और कामाख्या-रोहतक को हरी झंडी दिखाई। यह कार्यक्रम न केवल बुनियादी ढांचे के विस्तार का प्रतीक रहा, बल्कि पूर्वोत्तर को देश की मुख्यधारा से जोड़ने की केंद्र सरकार की नीति को भी रेखांकित करता है।
काजीरंगा परियोजना का मॉडल देखा, विकास और संरक्षण का दिया संदेश
कार्यक्रम के दौरान प्रधानमंत्री ने काजीरंगा एलिवेटेड कॉरिडोर के मॉडल का निरीक्षण किया और भूमि पूजन में हिस्सा लिया। यह कॉरिडोर विश्वप्रसिद्ध काजीरंगा नेशनल पार्क के आसपास यातायात को सुगम बनाने, वन्यजीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और पर्यटन को बढ़ावा देने के उद्देश्य से तैयार किया जा रहा है। अधिकारियों के अनुसार, इस परियोजना के पूरा होने से राष्ट्रीय राजमार्ग पर जाम की समस्या कम होगी और पर्यावरण-संवेदनशील क्षेत्र में मानवीय दखल नियंत्रित किया जा सकेगा।
रेल कनेक्टिविटी के मोर्चे पर भी यह दिन असम के लिए खास रहा। प्रधानमंत्री द्वारा रवाना की गई अमृत भारत एक्सप्रेस ट्रेनें असम को पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों से बेहतर ढंग से जोड़ेंगी। इन ट्रेनों से लंबी दूरी की यात्रा का समय कम होगा और यात्रियों को आधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। रेलवे अधिकारियों का कहना है कि यह पहल पूर्वोत्तर से देश के अन्य हिस्सों में आवाजाही को और आसान बनाएगी।
‘कांग्रेस राज में असम को मिलता था कम बजट’: पीएम मोदी का बड़ा बयान
अपने संबोधन में प्रधानमंत्री मोदी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि दशकों तक नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी पीड़ा ‘दूरी’ रही। दूरी स्थानों की भी और दिलों की भी। उन्होंने कहा कि लंबे समय तक यहां के लोगों को यह महसूस हुआ कि देश का विकास कहीं और हो रहा है। पीएम मोदी ने दावा किया कि उनकी सरकार ने इस मानसिक दूरी को कम करने का काम किया है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस शासन के दौरान असम को जहां करीब 2,000 करोड़ रुपये का रेल बजट मिलता था, वहीं मौजूदा सरकार ने इसे बढ़ाकर लगभग 10,000 करोड़ रुपये सालाना कर दिया है।
प्रधानमंत्री ने काजीरंगा में वन्यजीव संरक्षण को लेकर भी सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि एक समय ऐसा था जब एक सींग वाले गैंडों का शिकार असम की बड़ी समस्या बन चुका था। 2013-14 में बड़ी संख्या में राइनो मारे गए थे, लेकिन भाजपा सरकार ने इसे रोकने का संकल्प लिया। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत की गई और आज स्थिति में बड़ा सुधार आया है। इसके साथ ही पर्यटन बढ़ने से स्थानीय युवाओं को होम-स्टे, गाइड सेवाओं, हस्तशिल्प और छोटे व्यवसायों के जरिए नए रोजगार के अवसर मिले हैं।
बीएमसी चुनावों का जिक्र कर विपक्ष पर हमला
राजनीतिक संदर्भ में पीएम मोदी ने हालिया बीएमसी चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि आज देश का मतदाता सुशासन और विकास चाहता है। उन्होंने दावा किया कि विकास और विरासत दोनों पर फोकस करने की वजह से जनता भाजपा को समर्थन दे रही है, जबकि कांग्रेस की नकारात्मक राजनीति को लगातार नकारा जा रहा है।
अपने भाषण के अंत में प्रधानमंत्री ने काजीरंगा से जुड़ी अपनी व्यक्तिगत स्मृतियों को भी साझा किया। उन्होंने कहा कि दो वर्ष पहले काजीरंगा में रात्रि विश्राम और एलिफेंट सफारी का अनुभव उनके जीवन के खास पलों में शामिल है। पीएम मोदी ने असम को वीरों और प्रतिभाओं की धरती बताते हुए कहा कि यहां आकर उन्हें हमेशा विशेष ऊर्जा और खुशी का अनुभव होता है।

