द लोकतंत्र/ न्यूज़रूम : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऐसी अपील सामने आई है, जिसने हजारों लोगों के दिल को छू लिया है। यह अपील 37 वर्षीय वैशाली के जीवन से जुड़ी है, जो पिछले करीब डेढ़ साल से गंभीर किडनी फेलियर से जूझ रही हैं। डॉक्टरों के मुताबिक उनकी दोनों किडनियाँ काम करना बंद कर चुकी हैं और फिलहाल वे नियमित डायलिसिस पर हैं। इलाज की मौजूदा स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने साफ तौर पर कहा है कि अब किडनी ट्रांसप्लांट ही उनके जीवन को बचाने का एकमात्र रास्ता है।
इस मेडिकल इमरजेंसी के बीच सबसे भावुक पहलू उनकी 8 साल की बेटी है, जिसकी पूरी दुनिया अपनी माँ के आसपास सिमटी हुई है। परिवार के लोगों का कहना है कि बच्ची रोज़ अपनी माँ के लिए प्रार्थना करती है और हर दिन एक ही बात दोहराती है- मम्मी ठीक हो जाएँ। एक मासूम की यह दुआ आज किसी ऐसे नेकदिल इंसान के फैसले की राह देख रही है, जो आगे आकर किडनी दान कर सके।
पति चंदन रौशन ने X (पूर्व ट्विटर) पर भावुक अपील साझा की
वैशाली के पति चंदन रौशन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X (पूर्व ट्विटर) पर भावुक अपील साझा करते हुए बताया कि परिवार हर संभव कोशिश कर रहा है, लेकिन किडनी डोनर मिलना इस समय सबसे बड़ी चुनौती बन गया है। उन्होंने लिखा कि वैशाली का ब्लड ग्रुप A+ है और यदि कोई व्यक्ति चिकित्सकीय रूप से योग्य होकर किडनी दान करने के लिए तैयार होता है, तो यह कदम न सिर्फ एक महिला की जान बचाएगा, बल्कि एक बच्ची को उसकी माँ भी लौटा देगा।
एक मदद से बदल सकती है वैशाली की दुनिया
परिवार के अनुसार, डायलिसिस के लंबे दौर ने न सिर्फ वैशाली की सेहत को कमजोर किया है, बल्कि मानसिक और आर्थिक दबाव भी लगातार बढ़ता जा रहा है। हर हफ्ते अस्पताल के चक्कर, इलाज का खर्च और अनिश्चित भविष्य इन सबके बीच परिवार उम्मीद के सहारे टिका हुआ है। पति का कहना है कि वे किसी चमत्कार की नहीं, बस एक इंसानी मदद की उम्मीद कर रहे हैं।
सोशल मीडिया पर यह अपील तेजी से साझा की जा रही है। कई लोग इसे आगे बढ़ा रहे हैं ताकि यह संदेश ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुँचे। कुछ यूज़र्स ने किडनी डोनेशन से जुड़ी जानकारी साझा की है, तो कई लोग भावनात्मक समर्थन और दुआओं के साथ परिवार का हौसला बढ़ा रहे हैं।
डॉक्टरों के अनुसार, किडनी दान एक पूरी तरह नियंत्रित और सुरक्षित मेडिकल प्रक्रिया है, जिसमें दाता सामान्य जीवन जी सकता है। यदि सही मैच मिल जाता है, तो ट्रांसप्लांट के बाद मरीज की जिंदगी फिर से सामान्य हो सकती है। वैशाली के मामले में भी समय पर डोनर मिलना जीवन और मृत्यु के बीच का फर्क तय कर सकता है। परिवार ने अपील की है कि यदि कोई व्यक्ति किडनी दान को लेकर गंभीरता से विचार कर सकता है या इस संदेश को आगे बढ़ा सकता है, तो वह सीधे संपर्क करे। यह मदद एक परिवार को टूटने से बचा सकती है और एक मासूम बच्ची की दुनिया उजड़ने से रोक सकती है।

