द लोकतंत्र/ नई दिल्ली : भारतीय जनता पार्टी की संगठनात्मक राजनीति में एक अहम अध्याय जुड़ गया है। पार्टी के नए राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नबीन का निर्विरोध चयन हो गया है। संगठन पर्व के तहत चली संवैधानिक और पारदर्शी प्रक्रिया के बाद यह औपचारिक रूप से तय हो गया कि नितिन नबीन ही भाजपा के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष होंगे। मंगलवार को नामांकन, जांच और वापसी की पूरी प्रक्रिया समाप्त होने के बाद चुनाव अधिकारी ने उनके निर्विरोध चुने जाने की घोषणा की।
नितिन नबीन निर्विरोध अध्यक्ष चुने गये
भारतीय जनता पार्टी की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया कि 36 में से 30 राज्यों में संगठनात्मक चुनाव पूरे होने के बाद तय संवैधानिक प्रक्रिया के तहत राष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए नामांकन आमंत्रित किए गए थे। पार्टी के राष्ट्रीय चुनाव अधिकारी डॉ. के. लक्ष्मण ने बताया कि प्राप्त सभी नामांकन पत्रों की जांच की गई, लेकिन नामांकन वापसी की अवधि समाप्त होने तक नितिन नबीन के अलावा कोई दूसरा नाम शेष नहीं रहा। इसी के साथ उनका निर्विरोध निर्वाचन तय हो गया।
नितिन नबीन के नामांकन के दौरान पार्टी का शीर्ष नेतृत्व एकजुट नजर आया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, मौजूदा भाजपा अध्यक्ष जेपी नड्डा समेत कई वरिष्ठ नेताओं ने उनके समर्थन में प्रस्ताव पत्र सौंपे। इसके अलावा केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी, धर्मेंद्र प्रधान, भूपेंद्र यादव और किरेन रिजिजू जैसे दिग्गज भी नामांकन के समय मौजूद रहे। विभिन्न भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्रियों और वरिष्ठ प्रदेश नेताओं की मौजूदगी ने यह साफ संकेत दिया कि नबीन की उम्मीदवारी पर संगठन में व्यापक सहमति थी।
कई राज्यों के मुख्यमंत्री रहे मौजूद
समाचार एजेंसियों के मुताबिक अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू सहित कई राज्यों के नेताओं ने भी नबीन के समर्थन में नामांकन दाखिल किया। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, छत्तीसगढ़ के सीएम विष्णु देव साय, उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत भी इस दौरान मौजूद रहे। इससे स्पष्ट है कि संगठन और सरकार, दोनों स्तरों पर नितिन नबीन को मजबूत समर्थन प्राप्त है।
45 वर्षीय नितिन नबीन को संगठन का भरोसेमंद चेहरा माना जाता है। वे बिहार की बांकीपुर विधानसभा सीट से लगातार पांच बार विधायक चुने जा चुके हैं और जमीनी राजनीति के साथ-साथ संगठनात्मक कार्यों में भी उनकी मजबूत पकड़ रही है। दिसंबर 2025 में उन्हें भाजपा का राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष नियुक्त किया गया था, जिसके बाद से ही उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष बनने की अटकलें तेज हो गई थीं। अब उनके निर्विरोध चयन ने इन अटकलों पर विराम लगा दिया है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष के निर्वाचन की क्या होती है अर्हता
भाजपा के संविधान के अनुसार, राष्ट्रीय अध्यक्ष का चुनाव राष्ट्रीय परिषद और राज्यों की परिषदों के प्रतिनिधियों से बने निर्वाचक मंडल द्वारा किया जाता है। उम्मीदवार के लिए यह जरूरी होता है कि वह कम से कम 15 वर्षों से पार्टी का सक्रिय सदस्य रहा हो और उसका प्रस्ताव कम से कम पांच राज्यों से आए। नितिन नबीन इन सभी मानकों पर खरे उतरे, यही वजह रही कि उनके खिलाफ कोई दूसरा नाम सामने नहीं आया।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, नितिन नबीन मंगलवार को सुबह 11:30 बजे औपचारिक रूप से भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष पद की शपथ लेंगे। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री, भाजपा शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, उपमुख्यमंत्री और संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि नितिन नबीन के नेतृत्व में भाजपा संगठनात्मक मजबूती, चुनावी रणनीति और 2029 की तैयारियों पर नए सिरे से फोकस करेगी।

