द लोकतंत्र : सर्दियों के मौसम में अक्सर शराब की मांग बढ़ जाती है, लेकिन इस बार भारतीय शराब बाजार से जो आंकड़े सामने आए हैं, उन्होंने सबको चौंका दिया है। भारत के सबसे लोकप्रिय व्हिस्की ब्रांड्स में से एक ‘इंपीरियल ब्लू’ (Imperial Blue) ने बिक्री का एक नया और बड़ा कीर्तिमान स्थापित किया है। दिलचस्प बात यह है कि यह रिकॉर्ड तब बना है जब यह ब्रांड एक विदेशी कंपनी के हाथ से निकलकर अब पूरी तरह भारतीय हो गया है।
₹4000 करोड़ की महाडील और बंपर सेल
हाल ही में भारतीय कंपनी तिलकनगर इंडस्ट्रीज ने फ्रांस की दिग्गज कंपनी ‘पर्नो रिका’ (Pernod Ricard) से इंपीरियल ब्लू को करीब 4000 करोड़ रुपये में खरीदा था। इस सौदे को भारत की सबसे बड़ी शराब डील में से एक माना गया। तिलकनगर के पास आते ही ब्रांड की किस्मत चमक गई है। नए आंकड़ों के मुताबिक, कंपनी ने इस ब्रांड की करीब 1.79 मिलियन (17.9 लाख) बोतलें बेचकर नया इतिहास रच दिया है।
क्यों है भारतीयों की पहली पसंद?
इंपीरियल ब्लू के भारत में छा जाने की कई बड़ी वजहें हैं:
- किफायती दाम: दिल्ली जैसे शहर में इसके 180 ML (पव्वा) की कीमत महज ₹180 है, वहीं पूरी बोतल करीब ₹600 में मिल जाती है। कम दाम में बेहतर क्वालिटी इसे आम लोगों के बीच लोकप्रिय बनाती है।
- बेहतर स्वाद: कंपनी का मानना है कि इस व्हिस्की का स्वाद भारतीयों को बहुत पसंद आता है, जिससे इसका ‘क्रेज’ हमेशा बना रहता है।
- बाजार में बड़ी हिस्सेदारी: भारतीय व्हिस्की बाजार में इसकी हिस्सेदारी लगभग 9% है। यह मात्रा के हिसाब से देश का तीसरा सबसे बड़ा ब्रांड है।
तिलकनगर इंडस्ट्रीज का मास्टरस्ट्रोक
तिलकनगर इंडस्ट्रीज पहले से ही कई सफल शराब ब्रांड्स चला रही है, लेकिन इंपीरियल ब्लू को खरीदना उनके लिए फायदे का सौदा साबित हुआ है। व्हिस्की बाजार में अपनी पकड़ मजबूत करने के लिए कंपनी ने यह दांव खेला था। कंपनी के अलग-अलग ब्रांड्स को मिलाकर देखें तो कुल बिक्री का आंकड़ा काफी बड़ा है, जिसमें अकेले इंपीरियल ब्लू ने बड़ी रफ्तार पकड़ी है।
भारत में हर साल व्हिस्की के लगभग 7.9 करोड़ केस बिकते हैं, जिसमें से अकेले इंपीरियल ब्लू के करीब 2.24 करोड़ केस की खपत होती है। अब भारतीय कंपनी के नेतृत्व में यह ब्रांड ग्लोबल स्तर पर और भी बड़े रिकॉर्ड बनाने की तैयारी में है।

