द लोकतंत्र/ ऑटो न्यूज़ : दुनिया में लग्ज़री और सुपरकार्स की कमी नहीं है। रोल्स-रॉयस, बेंटले, फरारी, लेम्बॉर्गिनी, ऑडी, बीएमडब्ल्यू और मर्सिडीज-बेंज जैसी कंपनियां अमीरी और रुतबे की पहचान बन चुकी हैं। भारत में भी कई उद्योगपति और सेलेब्रिटीज़ के पास करोड़ों की कारों का कलेक्शन है। लेकिन ऑटोमोबाइल की दुनिया में एक कार (Pagani Zonda HP Barchetta) ऐसी है, जो भारत के सबसे अमीर व्यक्ति Mukesh Ambani के पास भी नहीं है। यह कार कीमत से ज़्यादा अपनी दुर्लभता और एक्सक्लूसिविटी की वजह से चर्चा में रहती है।
हम बात कर रहे हैं इटली की मशहूर हाइपरकार निर्माता कंपनी Pagani Automobili की उस कार की, जिसे दुनिया की सबसे महंगी और सबसे दुर्लभ कारों में गिना जाता है Pagani Zonda HP Barchetta।
सिर्फ कार नहीं, चलता-फिरता मास्टरपीस
Pagani Zonda HP Barchetta को साल 2017 में Goodwood Festival of Speed में पेश किया गया था। यह वही मंच है, जहां दुनिया की सबसे खास और अनोखी कारें दिखाई जाती हैं। इस कार की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसकी सिर्फ तीन यूनिट्स ही बनाई गईं। यानी यह कार खरीदने की चीज़ कम और कलेक्टर का सपना ज़्यादा है।
इस हाइपरकार की अनुमानित कीमत करीब 15 मिलियन डॉलर, यानी भारतीय मुद्रा में लगभग 120–121 करोड़ रुपये बताई जाती है। दो यूनिट्स पहले ही अल्ट्रा-रिच कलेक्टर्स को मिल चुकी हैं, जबकि एक यूनिट कंपनी के संस्थापक Horacio Pagani के निजी कलेक्शन का हिस्सा रही। यही वजह है कि यह कार खुले बाजार में लगभग उपलब्ध ही नहीं है।
डिजाइन जो हर नियम तोड़ता है
Pagani Zonda HP Barchetta का डिजाइन पारंपरिक सुपरकार्स से बिल्कुल अलग है। यह एक ओपन-टॉप रोडस्टर है, जिसमें पूरी विंडशील्ड तक नहीं दी गई। कार का रियर सेक्शन फेयरिंग-स्टाइल कवर के साथ आता है और कार्बन-फाइबर बॉडी इसे बेहद हल्का और मजबूत बनाती है। इसका हर एंगल यह बताता है कि यह कार भीड़ के लिए नहीं, इतिहास के लिए बनाई गई है।
इंजन और परफॉर्मेंस: रफ्तार का राक्षस
इस कार में दिया गया है AMG-सोर्स्ड 7.3-लीटर V12 इंजन, जो करीब 789 हॉर्सपावर पैदा करता है। इसके साथ मिलता है 6-स्पीड मैनुअल गियरबॉक्स, जो आज के ऑटोमैटिक दौर में ड्राइविंग के शौकीनों के लिए किसी सपने से कम नहीं। यह कार सिर्फ 3.1 सेकंड में 0 से 100 किमी/घंटा की रफ्तार पकड़ लेती है।
भारत में पैसे की कमी नहीं है, लेकिन Pagani Zonda HP Barchetta जैसी कार सिर्फ पैसे से नहीं मिलती। इसकी बेहद सीमित यूनिट्स, कंपनी की सख्त चयन प्रक्रिया और खास कलेक्टर नेटवर्क इसे आम अरबपतियों की पहुंच से भी बाहर रखता है। यही कारण है कि यह कार भारत में नहीं, बल्कि चुनिंदा वैश्विक कलेक्शनों में ही मौजूद है।

