द लोकतंत्र : देश भर में बसंत पंचमी का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है। यह दिन ज्ञान, कला और वाणी की देवी माँ सरस्वती के प्राकट्य दिवस के रूप में प्रसिद्ध है। साल 2026 में बसंत पंचमी का पावन पर्व 23 जनवरी, शुक्रवार को मनाया जाएगा। विशेष रूप से विद्यार्थियों और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए यह दिन अपनी सोई हुई किस्मत जगाने और बुद्धि को प्रखर करने का सबसे उत्तम अवसर माना गया है।
पंचांग के अनुसार, पंचमी तिथि 23 जनवरी को सुबह 02:28 बजे से शुरू होकर 24 जनवरी को रात 01:46 बजे तक रहेगी। आइए जानते हैं कि इस दिन छात्र ऐसा क्या करें जिससे उनकी स्मरण शक्ति (Memory Power) और एकाग्रता बढ़े।
विद्यार्थियों के लिए क्यों खास है यह दिन?
हिंदू मान्यताओं के अनुसार, माँ सरस्वती अज्ञानता के अंधकार को मिटाकर ज्ञान का प्रकाश फैलाती हैं। बसंत पंचमी का दिन प्रकृति और बुद्धि दोनों के जागरण का प्रतीक है। इस दिन की गई पूजा और मंत्र जाप का सीधा असर मस्तिष्क की कार्यक्षमता और सीखने की शक्ति पर पड़ता है।
पढ़ाई में मन लगाने के लिए अपनाएं ये तरीके
विद्यार्थियों को इस दिन अपनी दिनचर्या में कुछ छोटे बदलाव करने चाहिए:
- पुस्तकों का पूजन: अपनी मुख्य किताबों, पेन और कॉपियों को माँ सरस्वती की मूर्ति के पास रखें। इससे पढ़ाई के प्रति सम्मान और सकारात्मकता बढ़ती है।
- अक्षर अभ्यास: छोटे बच्चों के लिए यह दिन पढ़ाई की शुरुआत (विद्यारंभ) करने के लिए सबसे शुभ माना गया है।
- सात्विक आहार: इस दिन हल्का और शुद्ध भोजन करें। ज्यादा तला-भुना खाने से आलस्य आता है, जबकि फल और दूध जैसा आहार मन को एकाग्र रखता है।
- पीले रंग का महत्व: पीला रंग ऊर्जा और ज्ञान का प्रतीक है। इस दिन पीले वस्त्र पहनना छात्रों में नई ऊर्जा का संचार करता है।
बुद्धि तेज करने वाला जादुई मंत्र
अगर आपका मन पढ़ाई में भटकता है या याद किया हुआ भूल जाते हैं, तो पूजा के समय इस सरल मंत्र का 108 बार जाप करें:
“या देवी सर्वभूतेषु विद्या रूपेण संस्थिता। नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमस्तस्यै नमो नमः॥”
माना जाता है कि शांत मन से इस मंत्र का जाप करने से वाणी में स्पष्टता आती है और कठिन विषयों को समझने की शक्ति बढ़ती है।
अनुशासन और आचरण है जरूरी
सिर्फ पूजा ही काफी नहीं है, माँ सरस्वती की कृपा पाने के लिए अनुशासन भी जरूरी है। इस दिन अपने गुरुजनों और माता-पिता का आशीर्वाद लें। मन में किसी के प्रति नफरत या क्रोध न लाएं। बसंत पंचमी पर लिया गया संकल्प और नियमित अध्ययन की आदत ही आपको सफलता के शिखर तक ले जाएगी।

