द लोकतंत्र : हर साल की तरह इस बार भी माघ मास की शुक्ल पक्ष की पंचमी तिथि को बसंत पंचमी का त्योहार मनाया जाएगा। साल 2026 में यह शुभ तिथि 23 जनवरी, शुक्रवार को पड़ रही है। ज्ञान और विद्या की देवी माँ सरस्वती को समर्पित यह दिन विद्यार्थियों के लिए किसी वरदान से कम नहीं है।
धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, अगर किसी छात्र को पढ़ाई में दिक्कत आ रही है, याद किया हुआ भूल जाते हैं या मन एकाग्र नहीं रहता, तो बसंत पंचमी पर किया गया विशेष दान इन समस्याओं को जड़ से खत्म कर सकता है। आइए जानते हैं इस दिन क्या दान करना सबसे शुभ होता है।
दान का क्या है आध्यात्मिक महत्व?
सनातन परंपरा में बसंत पंचमी को बुद्धि और चेतना के जागरण का पर्व माना गया है। शिक्षा में आने वाली रुकावटों को केवल मेहनत से नहीं, बल्कि सकारात्मक ऊर्जा से भी दूर किया जा सकता है। इस दिन दान करने का असली उद्देश्य मन और बुद्धि की शुद्धि है। जब हम निस्वार्थ भाव से दूसरों की मदद करते हैं, तो हमारे भीतर सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास बढ़ता है।
शिक्षा बाधा दूर करने के लिए जरूर करें ये दान
यदि आप एक विद्यार्थी हैं या अपने बच्चों की शिक्षा को लेकर चिंतित हैं, तो इस बसंत पंचमी पर ये चीजें जरूर दान करें:
- अध्ययन सामग्री: जरूरतमंद बच्चों को किताबें, कॉपियां, पेन या पेंसिल दान करें। इसे ‘विद्या दान’ की श्रेणी में रखा जाता है जो सबसे उत्तम है।
- पीली वस्तुएं: माँ सरस्वती को पीला रंग बहुत प्रिय है। इसलिए पीले वस्त्र, पीली मिठाई या हल्दी का दान करना भी बहुत शुभ फल देता है।
- शिक्षक का सम्मान: किसी ब्राह्मण या शिक्षक को धार्मिक पुस्तक या लेखन सामग्री भेंट करने से करियर में आ रही बाधाएं दूर होती हैं।
- आर्थिक सहयोग: यदि संभव हो, तो किसी गरीब छात्र की स्कूल फीस या किताबों के लिए आर्थिक मदद करें।
दान के साथ इन नियमों का रखें ध्यान
दान का पूर्ण फल तभी मिलता है जब उसे सही विधि और मन से किया जाए:
- स्नान और पूजा: दान करने से पहले सुबह जल्दी उठकर स्नान करें और माँ सरस्वती की पूजा करें। पीले या सफेद कपड़े पहनना बहुत अच्छा माना जाता है।
- श्रद्धा और विनम्रता: दान देते समय मन में अहंकार नहीं होना चाहिए। हमेशा झुककर और श्रद्धा के साथ दान करें।
- पूजा के बाद दान: पहले माँ सरस्वती की आरती करें और उसके बाद ही दान की प्रक्रिया पूरी करें।
- सात्विक जीवन: इस दिन सात्विक भोजन करें और किसी भी प्रकार के नकारात्मक विचारों या गुस्से से दूर रहें।
बसंत पंचमी सिर्फ उत्सव का नहीं, बल्कि स्वयं को बेहतर बनाने का दिन है। 23 जनवरी को श्रद्धा पूर्वक किया गया एक छोटा सा दान आपके या आपके बच्चों के भविष्य को उज्ज्वल बना सकता है।

