द लोकतंत्र/ लखनऊ : ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या के दिन स्नान को लेकर उपजे विवाद के बीच उत्तर प्रदेश के सीएम योगी आदित्यनाथ का बयान सामने आया है। हरियाणा के सोनीपत दौरे पर पहुंचे मुख्यमंत्री ने बिना किसी का नाम लिए संतों और सन्यासियों की भूमिका पर स्पष्ट और कठोर टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि एक योगी, संत या सन्यासी के लिए धर्म और राष्ट्र से बढ़कर कुछ भी नहीं होता और उसकी कोई व्यक्तिगत संपत्ति नहीं होती।
सीएम योगी ने कहा कि संत के लिए धर्म ही उसकी संपत्ति है और राष्ट्र ही उसका स्वाभिमान। उन्होंने आगाह किया कि सनातन धर्म की आड़ में उसे कमजोर करने की साजिश रचने वाले ‘कालनेमि’ हर दौर में रहे हैं, जिनसे समाज को सतर्क रहना होगा। उनका कहना था कि परंपराओं को बाधित करने का किसी को अधिकार नहीं है। मुख्यमंत्री ने माघ मेले के विशाल आयोजन का उल्लेख करते हुए कहा कि 18 तारीख को ही चार करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं ने पवित्र स्नान किया, जो सामाजिक समरसता और आस्था की अभूतपूर्व मिसाल है।
प्रयागराज में दिखी सामाजिक समरसता, संतों के प्रताप से बढ़ा श्रद्धालुओं का सम्मान
सीएम योगी ने प्रयागराज में आयोजित माघ मेले को सामाजिक समरसता का अद्भुत उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि यह संतों का प्रताप है कि आज श्रद्धालुओं का सम्मान हो रहा है और आस्था के केंद्र वैश्विक पहचान बना रहे हैं। मुख्यमंत्री ने बीते एक दशक में आए बदलावों का उल्लेख करते हुए कहा कि आज गुलामी की बेड़ियां टूट चुकी हैं और अयोध्या में सनातन पताका भव्य रूप से फहरा रही है। उन्होंने काशी विश्वनाथ धाम का उदाहरण देते हुए कहा कि जहां पहले एक साथ दस लोग दर्शन नहीं कर पाते थे, वहीं आज रोजाना डेढ़ से दो लाख श्रद्धालु दर्शन कर रहे हैं।
नागे बाबा मंदिर कार्यक्रम में बोले सीएम: नाथ पंथ ने समाज को दी नई दिशा
सोनीपत के मुरथल स्थित नागे बाबा मंदिर में मूर्ति प्राण प्रतिष्ठा कार्यक्रम में शामिल होते हुए मुख्यमंत्री ने नाथ पंथ की प्राचीन परंपरा को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि नाथ पंथ सनातन धर्म की सबसे प्राचीन उपासना विधियों में से एक है, जिसने जीवन जीने की प्रेरणा दी और समाज को नई दिशा दिखाई। उत्तर से दक्षिण और पूर्व से पश्चिम तक नाथ सन्यासियों के चिन्ह मिलना इसकी व्यापक विरासत का प्रमाण है।
‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ की ओर बढ़ता देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज देश प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में ‘एक भारत, श्रेष्ठ भारत’ के संकल्प को साकार होते देख रहा है। उन्होंने कहा कि एक हजार वर्षों की गुलामी की जंजीरों को तोड़ना आसान नहीं था, कई पीढ़ियां गुजर गईं, लेकिन आज देश ने यह कर दिखाया है। सीएम योगी का यह बयान ऐसे समय आया है, जब माघ मेले और संत समाज से जुड़े मुद्दों पर व्यापक बहस चल रही है। उनके शब्दों में साफ संकेत है कि परंपरा, आस्था और राष्ट्रहित के सवाल पर सरकार किसी भी तरह की ढिलाई के मूड में नहीं है।

